Data Security क्या है और क्यों महत्पूर्ण है? Data Security in Hindi..

hello guys aaj ki class me ham sikhne wale h ki Data Security क्या है to start krte h class to ham pahle is class ka ek overview dek lete h ki hamis class me data security ka

1.Data Security क्या है और क्यों महत्पूर्ण है? Data Security in Hindi

2.Data Security क्या है (What is Data Security)

3.cyber Security कैसे काम करता है

4.डेटा सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है (Why Data Security Is Important)

5.Data Security के प्रकार (Types of Data Security)

6.Data Encryption

7.Data Backup

8.Data Masking

9.Data Resiliency

10.Conclusion 

11.Cyber Crime के प्रकार (Types of Cyber Crime in Hindi)

12.Data Security Solutions in Hindi:

is me ham padege ki

1) Cloud access security:

2) Data encryption:

3) Hardware Security Module:

4) Key Management:

5) Enterprise Data Protection:

6) Payments Security:

7) Big Data, Hadoop and data protection:

8) Mobile App Security:

9) Web Browser Security:

10) Email Security:

12.Cyber Security के प्रकार (Types of Cyber Security in Hindi) etc to start krte h

यदि आप Computer पर Online कार्य करते है, तो आपको Data Security क्या है, इसके बारे में जरूर जान लेना चाहिए। क्योकिं अगर आपके Internet Server पर किसी भी प्रकार की Data Security कमजोर है, तो आपका Data Leak हो सकता है।

-Data Security क्या है (What is Data Security)
डेटा सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है (Why Data Security Is Important)
Data Security के प्रकार (Types of Data Security)
Data Encryption
Data Backup
Data Masking
Data Resiliency

Aur bhi bahut kuch … toh class mein end tak bane rhe

“डेटा सिक्योरिटी, अनधिकृत एक्‍सेस, उपयोग, परिवर्तन, डिस्क्लोश़र और डिस्ट्रक्शन से डेटा की सिक्योरिटी को संदि‍र्भत करता है।”

अगर आपके Computer या किसी Online Server में आपका Personal या Professional Data Save हो रखा है, तो उसकी सुरक्षा के लिए आपको कई तरह की डाटा सिक्योरिटी लगनी चाहिए। Data को Secure रखने के लिए कई प्रकार के तरीको का उपयोग किया जाता है, जो की आपको इस लेख में बताये जायेंगे। सबसे पहले जानते है, Data Security क्या है –

आज की इस में हclasssम Data Security क्या है (Data Security In Hindi) इसके बारे में विस्तार से जानेगे। आपको बता दें की डाटा का अर्थ होता है Information जो की हमारे Computer या Network के Server में Rows और Column के रूप में Save होता है।

डेटा सिक्योरिटी, जीवन भर में अनाधिकृत उपयोग और डेटा करप्‍शन से डेटा सिक्योरिटी को प्रोटेक्‍ट करने की प्रक्रिया है।

एक्सेसिबिलिटी को सीमित करने के लिए फिजिकल सिक्योरिटी, एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल, लॉजिकल कंट्रोल और अन्य सिक्योरिटी उपायों के उपयोग के माध्यम से आकस्मिक या जान बूझकर लेकिन अनधिकृत मॉडिफिकेशन, डिस्ट्रक्शन या डिस्क्लोश़र से डेटा की सिक्योरिटी की चिंता को कम करने के लिए डेटा सिक्योरिटी होती है।

मोटे तौर पर, अधिकांश सिक्योरिटी प्रोसेस “उपयोगकर्ता-केंद्रित” होती हैं: वे ऐसे सवालों पर ध्यान केंद्रित करते हैं:

क्या इस यूजर को इस डेटा तक पहुंचने की अनुमति है?

क्या यह व्यक्ति इस नेटवर्क पर होने के लिए अधिकृत है?

क्या यह व्यक्ति सिस्टम रिसोर्सेस का दुरुपयोग कर रहा है?

जो ग्रेट और आवश्यक है, लेकिन कई वास्तविक दुनिया के मुद्दों के साथ संघर्ष करता है जैसे बड़े ऑर्गनाइज़ेशन में सैकड़ों या हज़ारों सर्वरों को लापरवाही से परमिशन, पुराने ढंग का यूजर ग्रुप और यह जानना मुश्किल की कौन एक्‍सेस कर रहा है।

डेटा-केंद्रित सिक्योरिटी मॉडल एक अलग दिशा से इस तक पहुंचने का एक व्यावहारिक तरीका है।

Data Security क्या है (What is Data Security)

Data Security का मतलब होता है, जानकारी की सुरक्षा करना। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिससे कंप्यूटर से तैयार किये गए Digital Data को Secure किया जाता है। जिससे की किसी भी तरह का कोई Unauthorized Access, Unknown IP Address, File Modification, Spaming Email and Number आदि Data को Access ना कर पाए। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए डाटा सिक्योरिटी के अंतर्गत कुछ महत्वपूर्ण प्रक्रियों को किया जाता है। जिससे किसी भी तरह के Spamming Numbar आदि डाटा की सुरक्षा को हानि नहीं पंहुचा पाते है। कंप्यूटर और सर्वर दोनों पूरी तरह से Secure रहते है।

Data Security एक Process है जिससे Corporate Data की सुरक्षा और Unauthorized Access से जो Data Loss होता है इससे रोका जा सकता है। 

Data Security में डाटा को हमलो से बचाने के लिए कई प्रकार की Technique शामिल है। और साथ ही Data Security यह भी सुनिश्चित करती है की Organization में कोनसी व्यक्ति के पास Data Access Available है। 

Cyber Security Kya Hai – दोस्तों अगर आपको जानना है की Cyber Security क्या है, इसका Definition, यह कैसे काम करता है,और इसके प्रकार क्या-क्या हैं. अगर आप जानते हैं तो हो सकता है की सब कुछ नहीं जानते होंगे, तो हमारे इस लेख को ठीक से पढने के बाद आपको Full Information पता चल जाएगी तथा अंत में इस लेख को Pdf के रूप में भी Download कर सकते हैं.

 Cyber Security या Cyber Safety एक तरह की सुरक्षा है जो Internet से जुड़े हुए सिस्टम के लिए एक सिक्यूरिटी होती है. इसके द्वारा Hardware और Software की डेटा को और भी सिक्योर बनाया जाता है जिससे किसी भी तरह से डेटा की चोरी न हो और सभी डॉक्यूमेंट और files सुरक्षित रहें.

Cyber Security दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है Cyber + Security, मतलब जो कुछ भी Internet, इनफार्मेशन, Technology, Computer, Network, Application या Data से सम्बंधित है उसे हम Cyber कहते हैं.

cyber Security कैसे काम करता है

Cyber Security के अंतर्गत Ethical Hackers की एक बड़ी Team होती है जो आपका Data चोरी होने, Data Delete होने या आपके किसी भी Device को नुकसान होने से बचाते हैं. Cyber Security में काम करने वाले बुरे लोगों को गलत काम करने से रोकते हैं.

इसके अंतर्गत आपके Network, Computer System, किसी Program और आपके Data को Secure रखा जाता है

डेटा सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है (Why Data Security Is Important)

वर्तमान समय में सभी लोग आमतौर पर Online ही Data Save करते है, अब ऐसे में चाहे वह डाटा पर्सनल हो या फिर प्रोफेशनल हो। ऐसे में आपके द्वारा Online Save किया हुआ Data बहुत ही महत्पूर्ण होता है। अगर किसी वजह से आपके डाटा को किसी के द्वारा चुरा लिया जाए, तो आपको बहुत भारी नुक्सान हो सकता है।

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आपको अपने Data को सुरक्षित रखने के लिए Data Security Solutions की मदद लेनी चाहिए। अगर आप अपने Data की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते है, तो आप साइबर आपराधिक गतिविधियों से बच सकते है। डाटा सुरक्षा के लिए कई प्रकार के Deploying Tools and Techniques शामिल है। जो किसी Organization की दृश्यता को बढ़ाती है।

अगर आपका एक Online Business है, तो आपके लिए Data Security बहुत महत्पूर्ण मायने रखता है। आपके पास आपके Business से सम्बंधित बहुत अधिक मात्रा में Data Save है। जिसकी सुरक्षा करना बहुत जरुरी है। लोगो के बिच में इस समय Data Privacy को लेकर बहुत जागरूकता बढ़ रही है।

क्योकिं लोग उस Company के Product को कभी भी Online नहीं खरीदते है, जिसकी Data Security कमजोर है, ऐसे में उनकी Banking Details आदि Leak होने का खतरा होता है। इसलिए सभी बड़ी बड़ी कंपनियों ने अपने Data को Secure बनाने के लिए बहुत से कदम उठाये है। आइये अब जानते है, Types of Data Security के बारे में –

Data Security के प्रकार (Types of Data Security)

आपको यह तो पता चल ही गया है, की Data Security क्या है, और यह क्यों इतनी ज्यादा महत्वपूर्ण है। आइये अब जानते है, कुछ Important तकनीक जिनकी मदद से आप अपने Data को Safe रख सकते है। जो की इस प्रकार है

Data Encryption

अपने डाटा को सुरक्षित करने के लिए आपको अपना हमेशा Data Encryption के रूप में रखना चाहिए। जब आप अपने डाटा को Encryption कर देते है, तो यह एक प्रकार के Code में परिवर्तित हो जाता है, जिसे समझ पाना असंभव है। अगर आप अपने Data को फिर से देखना चाहिए है, तो इसके लिए आप अपने Data को फिर से Decrypt कर सकते है। Decrypt Data करने के लिए आपके पास Decrypt का Code होना आवश्यक है। आपको बता दें की Data Encryption के लिए Internet पर बहुत से Online Tools मौजूद है, जिनकी मदद से आप अपने Data को Encryption कर सकते है।

डेटा एन्क्रिप्शन डेटा के हर अलग अलग भागों पर एक कोड लागू करता है और एक अधिकृत किज एंटर किए बिना एन्क्रिप्टेड डेटा का एक्‍सेस प्रदान नहीं करेगा।

Data Encryption में डाटा को ऐसे Code या टेक्स्ट में बदल दिया जाता है जिसे कोई नहीं समझ सकता। और डेटा को फिर से देखने के लिए, Encryption को हटाना पड़ता है । Data Encryption की मदद से भी Data को Secure किया जाता है। 

Data Backup

डाटा बैकअप Security का सबसे बेहतर और आसान तरीका है। आप समय समय पर अपने Data का Backup लेते रहे है। कभी कभी ऐसा होता है, की आपके ठीक Data Backup लेने के अगले दिन आपके डाटा में किसी भी तरह का Malware आ जाता है, जिसे Clean करना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में अगर आपके पास आपके सभी महत्पूर्ण डाटा का बैकअप होता है, तो आप Malware फाइल को Delete करके Data Restore कर सकते है। आपको हमेशा ध्यान रखना है, की बिच बिच में अपने Data का Backup लेते रहें।

जबभी कोई Computer System पर Attack होता है तो Attacker सबसे पहले Data को Lock कर देता है या फिर Data Remove कर देता है। 

ऐसे में अगर अपने पर उस Data का Backup है तो कोई भी System में उसे Use कर सकते है। तो इस प्रकार Data Backup and Recovery , Data Security के लिए अनिवार्य है।  

डेटा की कॉपिज बनाना ताकि यदि मूल कॉपी खो जाए तो उसे पुनः प्राप्त किया जा सके।

सामान्य अच्छा अभ्यास, हालांकि, इन तरीकों से परे है। पासवर्ड पॉलिसिस जैसे सभी क्षेत्रों को कवर करने के लिए सख्त प्रक्रियाओं को रखा जाना चाहिए।

Data Masking

इस Strategy के अंतर्गत आपके Data की Duplicate File बनाई जाती है, जो की किसी भी प्रकार की टेस्टिंग और ट्रेनिंग के लिए उपयोग की जाती है। अगर किसी वजह से इस फाइल से आपका कोई भी Data डिलीट होता है, तो ऐसे में आपका Original Data पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। अगर आपके Project में कभी कोई Testing होती है, तो आप Data Masking का उपयोग कर सकते है।

डेटा के विशिष्ट क्षेत्रों को मास्क करना इसे बाहरी दुर्भावनापूर्ण स्रोतों के डिस्क्लोश़र से बचा सकता है, और आंतरिक कर्मियों से भी जो डेटा का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, क्रेडिट कार्ड नंबर के पहले 12 अंकों को एक डेटाबेस में मास्‍क कर रखा जा सकता है।

Data Masking Software Number और Letters को Proxy Characters में Convert करता है means की Hide करता है (उसके पीछे छुपाता है)। और यह सॉफ्टवेयर ,Data को Original Form में तभी पेश करता है जब Authorized User यह Data को Receive करे। 

Data Resiliency

Data Resiliency का मतलब होता है, की एक डाटा सेंटर सभी प्रकार की समयसाओं को सहन करने में सक्षम है, जैसे की अगर डाटा सेंटर के किसी भी हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर में कोई समस्यां आती है, तो वह फिर से सारे Data को Restore कर सकें। इसके अलावा बिजली जाने पर भी वह सरे Data को Autosave कर सके।

डेटा की बैकअप कॉपिज बनाकर, ऑर्गनाइजेशन गलती से नष्ट हुए या करप्‍ट हुए या डेटा ब्रीच के दौरान चोरी किए गए डेटा को रिकवर कर सकते हैं।

Note – इस लेख में आपको Data Security क्या है, इसके बारे में बताया गया है। जिसमे आपको डेटा को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न तरीके कौन-कौन से हैं, इसके बारे में भी बताया गया है। मुझे उम्मीद है, की आपको यह लेख Data Security in Hindi जरूर पसदं आया होगा। अगर आपका इस लेख से सम्बंधित किसी भी तरह का कोई सवाल है, तो आप कमेंट करके बता सकते है। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें, धन्यवाद।

Conclusion 

हमें उम्मीद है की आपको यह Post – Data Security क्या है ?,Data Security के प्रकार | What is Data Security in Hindi पूरी तरह से समज में आया होगा और हमें यकीन है की आपको इस Article को पढ़कर काफी जानकारी भी मिली होगी.

यदि आपको हमारा यह लेख Data Security क्या है ?,Data Security के प्रकार | What is Data Security in Hindi पसंद आया है तो आप इसे अपने दोस्तों और अपने सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे. जिससे वह लोग भी इस जानकारी का फायदा उठा सके और यह जान सके.

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Cyber Crime के प्रकार (Types of Cyber Crime in Hindi)

1. Hacking: इस प्रकार के Cyber Crime में हैकर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस कर किसी दुसरे इंसान के पर्सनल डाटा और Sensitive इनफार्मेशन को Access करते हैं बिना उस इंसान के अनुमति के, प्रतिबंधित क्षेत्र किसी का पर्सनल कंप्यूटर(PC), Mobile या कोई ऑनलाइन बैंक अकाउंट (Net Banking) हो सकता है.

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2. Cyber Theft: इस प्रकार के Cyber Crime में हैकर किसी Copyright कानून का उल्लंघन करता है, यह साइबर अपराध का एक हिस्सा है जिसका अर्थ है कि कंप्यूटर या इंटरनेट के माध्यम से की गई चोरी. इसके अंतर्गत पहचान की चोरी, पासवर्ड की चोरी, सूचना की चोरी, इंटरनेट समय की चोरी आदि शामिल हैं.

3. Cyber Stalking: यह Cyber Crime सोशल मीडिया साइट्स में ज्यादा देखने को मिलता है. इसमें Stalker किसी इंसान को बार-बार गंदे मेसेज या ईमेल कर के उसे परेशान और उत्पीड़ित करते हैं.

इसमें Stalker अक्सर छोटे बच्चो और ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते हैं जिन्हें इन्टरनेट की ज्यादा जानकारी नहीं होती है. इसके बाद Stalker उस इंसान को Blackmail करना शुरू कर देते हैं इससे इंसान की ज़िन्दगी काफी तकलीफदायक हो जाती है.

4. Identity Theft: इस प्रकार का Cyber Crime आजकल काफी ज्यादा देखने को मिलता है. इसमें हैकर उन लोगों को टारगेट करते हैं जो ऑनलाइन Cash Transactions और बैंकिंग सर्विस जैसे Google Pay, Phonepe, Paytm का इस्तेमाल करते हैं.

Hackers किसी इंसान का पर्सनल डाटा जैसे अकाउंट नंबर, डेबिट कार्ड डिटेल, इन्टरनेट बैंकिंग डिटेल्स आदि जानकारी किसी तरह से हासिल कर के उसका सारा पैसा निकाल लेते हैं जिससे उस इंसान को काफी ज्यादा आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है.

5. Malicious Software: ऐसे बहुत सारे खतरनाक सॉफ्टवेर हैकर द्वारा बनाए जाते हैं तो किसी भी इन्टरनेट से कनेक्ट कंप्यूटर या मोबाइल के डेटा को न सिर्फ चुरा सकते हैं बल्कि उसे डिलीट भी कर सकते हैं, साथ ही इन सॉफ्टवेर की मदद से हैकर आपके पूरे System को क्रैश कर सकते हैं. 

ये Softwares कई प्रकार के होते हैं जैसे Malware, Spyware, Virus, Ransomware तथा Worms. Hackers इस प्रकार के सॉफ्टवेर को ज्यादातर किसी लिंक, Pop-up मेसेज या Email के माध्यम से दुसरे कंप्यूटर में भेजते हैं और लुभावने तरीको से लिंक को टच करने को बोलते हैं.

अगर वह इंसान लिंक पर टच कर देता हैं तो Computer का पूरा कन्ट्रोल हैकर के हाथों में चला जाता है.

6. Phishing: इस प्रकार के Cyber Threat में हैकर किसी विश्वसनीय संस्था या बैंक के रूप में किसी इंसान को कोई मेसेज या Email भेजता है जो देखने पर बिलकुल मान्य लगता है. इसके पीछे हैकर का मकसद उस इंसान की संवेदनशील जानकारी जैसे बैंक अकाउंट नंबर, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड आदि जानकारी लेकर उसे आर्थिक नुकसान पहुचाना होता है.

7. Child Pornography and Abuse: इस प्रकार के Cyber Crime में हैकर ज्यादातर Chat Rooms का इस्तेमाल करते हैं और खुद के पहचान को छुपा कर शिष्टाचार के साथ बात करते हैं.

छोटे बच्चो या अवयस्क लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं होती और धीरे धीरे हैकर बच्चो को Child Pornography के लिए बाधित करते हैं. इसके अलावा बच्चे डर की वजह से अपने माता-पिता को कुछ बता भी नहीं पाते हैं.

8. Man in The Middle(MITM) Attack: इस प्रकार के Cyber Crime में जो Attack करने वाला हैकर होता है वह दो लोगों के संचार की जासूसी करते रहता है और कुछ समय बाद उन दो लोगों में से एक बन कर सामने वाले से जरुरी इनफार्मेशन, और संवेदनशील डेटा जैसे बैंक, Debit, Credit कार्ड डिटेल्स आदि. इससे सामने वाले इंसान को पता भी नहीं चलता और हैकर के पास सारी इनफार्मेशन आ जाती है.

9. Denial of Services(DoS): DoS Attack का मुख्य उद्देश्य किसी नेटवर्क या Website की ट्रैफिक को कम करना है. इस अटैक में हैकर किसी नेटवर्क या Website पर अचानक से बहुत ज्यादा ट्रैफिक ला कर नेटवर्क सिस्टम को कमजोर कर देते हैं. 

इसके साथ ही जो बहुत सारे Services होते हैं जैसे Email, Yahoo, Hotmail आदि. इनमे जब अचानक से बहुत ज्यादा ट्रैफिक आ जायेगा तो कोई भी यूजर अगर लाग इन करने जाएगा तो यूजर उस सर्विस को यूज़ ही नहीं कर पायेगा.

10. Spoofing: इस प्रकार के Cyber Attack में Hacker की अन्य इंसान की पहचान(Identity) का इस्तेमाल कर के किसी बड़े Server या बड़ी कंपनी के सिस्टम में अटैक कर सकता है. इस अटैक का सहारा लेकर कोई हैकर किसी की ज़िन्दगी बर्बाद कर सकता है.

11. Salami Slicing Attack:- “सलामी स्लाईसिंग अटैक” को “सलामी धोखाधड़ी” भी कहते हैं. ऐसे Cyber Crime में साइबर अपराधी बहुत सारे छोटे-छोटे अटैक कर के एक बड़े अटैक को अंजाम देता है. हमलावर ग्राहकों की जानकारी जैसे बैंक/डेबिट कार्ड के डिटेल्स का इस्तेमाल कर के बहुत छोटी मात्रा में पैसे की कटौती करते हैं.

बहुत कम मात्रा में पैसे की कटौती होने की वजह से ग्राहक Slicing से अनजान रहते हैं और इसकी शिकायत भी नहीं करते हैं जिससे हैकर का पता नहीं चल पाता है. यह केवल समय-समय पर छोटे वेतन वृद्धि से लाभ प्राप्त करने की एक रणनीति है.

Data Security Solutions in Hindi:

ऐप्‍लीकेशन, ट्रैन्ज़ैक्शन्ज़ स्‍टोरेज और बड़े डेटा प्लेटफ़ॉर्म पर डेटा की सिक्योरिटी के लिए एडवांस डेटा एन्क्रिप्शन, टोकन, और प्रमुख मैनेजमेंट के साथ, यह सबसे जटिल उपयोग के मामलों में भी संवेदनशील डेटा की सिक्योरिटी को सरल करता है।

1) Cloud access security:

प्रोटेक्शन प्लेटफॉर्म जो आपको क्लाउड एप्लिकेशन में डेटा की सिक्योरिटी करते हुए क्लाउड पर सुरक्षित रूप से मूव करने की अनुमति देता है।

2) Data encryption:

डेटा-केंद्रित और टोकन सिक्योरिटी समाधान जो एंटरप्राइज, क्लाउड, मोबाइल और बड़े डेटा वातावरण में डेटा की रक्षा करते हैं।

3) Hardware Security Module:

हार्डवेयर सिक्योरिटी मॉड्यूल जो वित्तीय डेटा की सिक्योरिटी करता है और उद्योग सिक्योरिटी और अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करता है।

4) Key Management:

मुख्य मैनेजमेंट – समाधान जो डेटा की सिक्योरिटी करता है और इंडस्‍ट्री रेग्‍युलेशन कंप्‍लायंस को सक्षम बनाता है।

5) Enterprise Data Protection:

एंटरप्राइज डेटा प्रोटेक्शन – सॉल्यूशन जो एंटरप्राइज डेटा प्रोटेक्शन के लिए एंड-टू-एंड डेटा-सेंट्रिक अप्रोच प्रदान करता है।

6) Payments Security:

पेमेंट सिक्योरिटी –रिटेल पेमेंट ट्रांजेक्‍शन के लिए पूर्ण पॉइंट-टू-पॉइंट एन्क्रिप्शन और टोकन प्रदान करता है, जिससे PCI गुंजाइश कम हो जाती है।

7) Big Data, Hadoop and data protection:

सॉल्यूशन जो डेटा लेक में संवेदनशील डेटा की सिक्योरिटी करता है – जिसमें Hadoop, Teradata, Micro Focus Vertica और अन्य Big Data Platform शामिल हैं।

8) Mobile App Security:

मोबाइल ऐप सिक्योरिटी – डेटा एंड-टू-एंड की सिक्योरिटी करते हुए असली मोबाइल ऐप में संवेदनशील डेटा की सिक्योरिटी।

9) Web Browser Security:

वेब ब्राउज़र सिक्योरिटी – उस पॉइंट पर जहां कस्‍टमर अपने कार्ड या पर्सनल डिटेल्‍स को एंटर करता हैं, वहां पर ब्राउज़र द्वारा कैप्‍चर किए गए सेंसिटिव डेटा को प्रोटेक्‍ट करता हैं और उसे इकोसिस्‍टम में माध्यम से ट्रस्‍टेड होस्‍ट पर प्रोटेक्‍टेड रखता हैं।

10) Email Security:

ईमेल सिक्योरिटी – समाधान जो ईमेल और मोबाइल मैसेज के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन प्रदान करता है, व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी को सुरक्षित और निजी रखता है।

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Cyber Security के प्रकार (Types of Cyber Security in Hindi)

Cyber Security in Hindi में यूजर को नेटवर्क की अलग-अलग परतों में अलग-अलग सुरक्षा प्रदान की जाती है. ऊपर बताये सभी अपराध ऑनलाइन किये जाते हैं और उन्हें रोकने के लिए 6 सर्वश्रेष्ठ साइबर सुरक्षा कुछ इस प्रकार हैं

1. Network & Gateway Security – इसे Network की पहली परत कहा जा सकता है. आपने Computer में Firewall का नाम तो जरुर सुना होगा. यह एक Network के लिए ऐसी दीवार होती है जो सिर्फ सुरक्षित चीजों को प्रवेश करने की अनुमति देती है तथा असुरक्षित Threats को बाहर रखती है.

2. Data Loss Prevention(DLP) – इस प्रक्रिया में यूजर के सभी Data को पूरी तरह एनकोड का दिया जाता है जिसमे SSL(Secure Sockets Layer) का प्रयोग किया जाता है. इस सुरक्षा के अंतर्गत सुचना या डेटा को Unaotherized Access से दूर रखने के लिए एन्क्रिप्ट कर दिया जाता है.

3. Application Security – इसके द्वारा Network में उपयोग की जा रही Applications को एक सुरक्षा प्रक्रिया से गुज़ारा जाता है. जिससे उस Application की कमियों को दूर किया जा सके. साथ ही अगर वह Application असुरक्षित है तो उसे Network से बाहर कर दिया जाता है.

4. Email Security – अगर आप Gmail का उपयोग करते हैं तो आपने देखा होगा की कुछ Emails Spam फोल्डर में चली जाती हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योकि Network में Email Security के लिए Spam Filters लगाए जाते हैं. जिससे हानिकारक Emails को यूजर की पहुच से दूर रखा जा सके क्योकि अधिकतर अपराध Email Phishing के जरिये ही किया जाता है.

5. Antivirus Security – सभी लोग अपने Computer में Antivirus लगा कर रखते हैं. यह हमारे Computer को विभिन्न प्रकार के Viruses से बचाता है. आखिर Computer में ही हमारी सारी सेंसिटिव इनफार्मेशन और प्राइवेट Files स्टोर्ड रहती हैं इसीलिए इसे सुरक्षित रखना बहुत जरुरी होता है.

6. Network Access Control – इसके द्वारा Unauthorized उपयोगकर्ताओं और उपकरणों को नेटवर्क से बाहर रखने का कार्य किया जाता है. NAC नेटवर्क की कार्यक्षमता की सुरक्षा करती है, यह सुनिश्चित करती है कि केवल अधिकृत उपयोगकर्ता और डिवाइसों तक ही इसकी पहुँच हो. नेटवर्क ऑपरेटर तय करते हैं कि कौन से उपकरण या एप्लिकेशन एंडपॉइंट सुरक्षा आवश्यकताओं का अनुपालन करते हैं और उन्हें नेटवर्क एक्सेस की अनुमति दी जाएगी या नहीं.

नेटवर्क सुरक्षा और डाटा सुरक्षा क्या हैं? What is Network Security And Data Security? 

हेलो दोस्तो, Network Security और Data Security क्या हैं? Cyber Security और Network Security में क्या अंतर है? आज हम इस पोस्ट में नेटवर्क सिक्योरिटी के बारे में सीखेंगे। दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क इंटरनेट हैं, और आजकल इंटरनेट का उपयोग हर क्षेत्र में काफी जोड़ो से हो रहा है। ऐसे में नेटवर्क की सिक्योरिटी यानी सुरक्षा काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती हैं। तो चलिए सीखते हैं नेटवर्क और डाटा सिक्योरिटी के बारे में।

डाटा सुरक्षा क्या हैं? (What is Data Security?)

किसी डिवाइस या कंप्यूटर के सभी डाटा को किसी Unauthorized User के Access से बचाने की प्रक्रिया को Data Security कहते हैं। दुनिया भर में डाटा के अनाधिकृत उपयोग और डाटा करप्शन से डाटा को Protect करने की प्रक्रिया को डाटा सिक्योरिटी कहा जाता है।

डाटा को अनधिकृत व्यक्तियों (Unauthorized Person) की पहुंच से दूर रखना, ताकि डाटा में गलत तरीके से परिवर्तन (Modification) ना किया जा सके और ना ही डाटा को नष्ट (Destroy or Delete) किया जा सके। डेटा की सुरक्षा के लिए उपयोगकर्ता को डाटा तक पहुंच (Access) उपलब्ध कराने से पहले उसके प्राधिकार की जांच (Authorization Check) की जाती है।

साइबर सिक्यूरिटी क्या हैं? (What is Cyber Security?)

साइबर सिक्योरिटी, सभी कंप्यूटर, नेटवर्क, प्रोग्राम, डाटा और इंफॉर्मेशन को Unauthorized User Access से Protect करना की प्रक्रिया है। साइबर सिक्योरिटी को इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी (Information Technology Security) या इलेक्ट्रॉनिक इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी (Electronic Information Security) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक तरह की सुरक्षा है जो कि नेटवर्क से जुड़े सभी कंप्यूटरों के लिए होती है। इसमें कंप्यूटर, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, इंफॉर्मेशन और डाटा को साइबर अपराध (Cyber Crime) से बचाने का काम किया जाता है।

साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल हमलों (Digital Attacks) से कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क, प्रोग्राम, इंफॉर्मेशन ऑफ डाटा की सुरक्षा करने का कार्य करती है।

साइबर स्पेस (Cyber Space)

दुनिया भर में फैले कंप्यूटर कम्युनिकेशन नेटवर्क और उसके चारों और फैले इंफॉर्मेशन के स्टोरेज को साइबरस्पेस का काल्पनिक नाम दिया जाता है। साइबर स्पेस शब्द का इस्तेमाल पहली बार कल्पना विज्ञान के लेखक विलियम गिब्सन (William Gibson) ने अपनी पुस्तक न्यूरोमैंसेर (Neuromancer) में 1984 में किया था। वर्तमान में इंटरनेट तथा वर्ल्ड वाइड वेब (www) के लिए साइबर स्पेस शब्द का प्रयोग किया जाता है, पर यह सही नहीं है।

साइबर वारफेयर (Cyber Warfare)

किसी राष्ट्रीय द्वारा दूसरे रास्ते के कंप्यूटर नेटवर्क में घुसकर गुप्त व संवेदनशील डाटा चुराना, डाटा को नष्ट या क्षतिग्रस्त करना या नेटवर्क संचार को बाधित करना साइबर वारफेयर कहलाता है। इंटरनेट के बढ़ते महत्व ने साइबर वारफेयर को युद्ध की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है। इसी कारण, इसे वायु, समुद्र, जमीन, तथा अंतरिक्ष (Air, Sea, Land & Space) के बाद “युद्ध का पांचवा क्षेत्र” (Fifth Domain of Warfare) भी कहा जाता है।

साइबर क्राइम (Cyber Crime)

कंप्यूटर तथा इंटरनेट के माध्यम से किया गया कोई भी गैर-कानूनी कार्य या अपराध साइबर क्राइम कहलाता है। इसमें कंप्यूटर तथा इंटरनेट का प्रयोग एक हथियार (Tool), लक्ष्य (Target) या दोनों रूप में किया जाता है। इंटरनेट के जरिए किए गए अपराध को नेट क्राइम (Net Crime) भी कहा जाता है। साइबर क्राइम में कंप्यूटर, नेटवर्क या डाटा को नुकसान पहुंचाना या कंप्यूटर, नेटवर्क या डाटा का प्रयोग किसी अन्य अपराध में करना शामिल है।

किसी की निजी जानकारी को प्राप्त करना या उसका गलत इस्तेमाल करना, किसी की निजी जानकारी कंप्यूटर से निकाल लेना या चोरी कर लेना साइबर अपराध कहलाता है। साइबर अपराध को कंप्यूटर अपराध भी कहा जाता है। किसी भी कंप्यूटर का आपराधिक स्थान पर मिलना या कंप्यूटर से कोई अपराध करना कंप्यूटर अपराध कहलाता है।

कंप्यूटर अपराधी कई प्रकार के किए जाते हैं जैसे – कंप्यूटर से जानकारी चोरी करना, जानकारी मिटाना, जानकारी में फेरबदल करना, किसी की जानकारी को किसी दूसरे को देना या नष्ट करना, इत्यादि। ठीक इसी तरह साइबर अपराध भी कई प्रकार के होते हैं जैसे – स्पैम ईमेल, हैकिंग, फिशिंग, वायरस को डालना, किसी की जानकारी को ऑनलाइन प्राप्त करना या चोरी करना, नेटवर्क है या इंटरनेट के जरिए किसी पर हर वक्त नजर रखना, इत्यादि।

Ummeed hai aapko hamari iss class mein jo bhi bataya gaya h, wo poori tarah se samjh mein aaya hoga…. Yadi haan toh hamari aage aane wali classes ko bhi join kare Aur apna feed…..Dhanyawaad.

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