CMOS क्या है और कैसे कम करता है?#

Table of Contents

hello guys aaj ki class me ham sikhne wale h ki CMOS क्या है और कैसे कम करता है? to start krte h

ham pahle is class ka ek overview dek lete h to ham padne wale h ki

1.CMOS क्या है और कैसे कम करता है?
2.NMOS क्या है
3.PMOS क्या है
4.CMOS की खोज सबसे पहले किसने की थी?
5.Computer में CMOS का मतलब क्या है?
6.CMOS के अलग नाम क्या है?
7.BIOS और CMOS एक साथ कैसे काम करते है
8.CMOS Battery क्या होता है?
9.CMOS और CMOS Batteries के बारे में
10.CMOS की Applications क्या है
11.CMOS की खोज सबसे पहले किसने की थी?
12.BIOS और CMOS एक साथ कैसे काम करते है
13.CMOS की जानकारी हिंदी में (CMOS Ki Jankari Hindi Me)
14.CMOS Battery क्या होता है? और यह कैसे काम करता है?
15.CMOS और CMOS Batteries क्या है? और यह कैसे काम करता है?

Aur bhi bahut kuch … toh class mein end tak bane rhe

to let’s start it

CMOS क्या है और कैसे कम करता है?

क्या आप जानते हैं की CMOS क्या है (What is CMOS in Hindi)? यदि नहीं तब आज की ये class आपके लिए बहुत ही फायेदेमंद सिद्ध होने वाला है. वैसे जब भी बात कभी Intergrated Circuit की आती है तब CMOS को कोई कैसे भूल सकता है. ऐसा इसलिए क्यूंकि CMOS की दो सबसे बड़ी advantages ऐसी होती है की जो कोई दूसरा प्रदान नहीं कर सकता है वो हैं इसकी high noise immunity और low static power consumption. CMOS circuits इस्तमाल करती हैं P-Type और N-Type MOSFET की एक combination, जिससे वो आसानी से logic gates और दुसरे digital circuit को implement कर सकें.

देखा जाये तो CMOS के ऐसे बहुत से Features और advanatages हैं जिसके कारण इसे प्राय सभी modern intergrated circuits में स्थान दिया जाता है. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को भी CMOS का क्या अर्थ है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे आपको भी इस बेहतरीन technology के संपर्क में पता चल सके. तो फिर बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और CMOS क्या होता है हिंदी में के विषय में जानते हैं. मेरी तो हमेशा से कोशिश रहती है की आपको जितनी हो सके पूरी जानकारी प्रदान करूँ इससे आपको कहीं और जाने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी.

CMOS का Full Form होता है “Complementary Metal Oxide Semiconductor”. CMOS technology एक बहुत ही popular technology है computer chip design industry में और इसे broadly इस्तमाल किया जाता है आज के समय में Integrated Circuits के रूप में. बहुत से applications में. अभी के समय की computer memories, CPUs और cell phones में इस technology का इस्तमाल होता है इसके बहुत से advantages होने के कारण. इस technology में semiconductor devices के दोनों P channel और N channel का इस्तमाल होता है.

अभी के समय की एक बहुत ही popular MOSFET technologies available है वो होती है Complementary MOS या CMOS technology. यह एक dominant semiconductor technology होती है microprocessors, microcontroller chips, memories जैसे की RAM, ROM, EEPROM और application specific integrated circuits (ASICs) की.

CMOS की जो मुख्य advantage होती है NMOS और BIPOLAR Technology की तुलना वो होती है इसकी smaller power dissipation. NMOS और BIPOLAR circuits के विपरीत एक Complementary MOS circuit में almost कोई भी static power dissipation नहीं पाई जाती है. Power केवल तभी dissipate होता है जब circuit actually switch करता है. इसके फलस्वरूप होता ये हैं की एक IC में ज्यादा मात्रा की CMOS gates को integrate किया जा सकता है NMOS और Bipolar Technology की तुलना में जिससे ज्यादा बेहतर performance प्रदान की जा सकती है. Complementary Metal Oxide Semiconductor transistor में दो प्रकार के MOS circuit होता हैं P-channel MOS (PMOS) और N-channel MOS (NMOS). चलिए इन दोनों प्रकारों के विषय में जानते हैं.

NMOS क्या है

NMOS को built किया जाता है एक p-type substrate में जिसमें n-type source और drain diffused किया जाता है. NMOS में, majority carriers electrons होते हैं. जब एक high voltage apply किया जाता है gate में तब NMOS conduct करने लगता है. ठीक वैसे ही जब एक low voltage apply किया जाता है gate में, तब NMOS conduct करने लगता है. NMOS को ज्यादा fast consider किया जाता है PMOS की तुलना में, चूँकि NMOS की carriers होते हैं electrons, और ये दुगना speed गति से travel करते हैं Holes की तुलना में.

Ummeed h ki class aapko pasand aa rahi hogi to bane rahiye class me our sikte rahiye to jante h

PMOS क्या है

P- channel MOSFET में P-type Source होते हैं और Drain diffused होते हैं N-type substrate में. इसमें Majority carriers होते हैं holes. जब एक high voltage को apply किया जाता है gate में, तब PMOS conduct करने लगता है. वहीँ जब एक low voltage apply किया जाता है gate में, तब PMOS conduct करने लगता है. वैसे ये PMOS devices ज्यादा immune होते हैं noise को लेकर NMOS devices की तुलना में.

CMOS की खोज सबसे पहले किसने की थी?

सन 1963 में, Frank Wanlass ने सबसे पहले CMOS की खोज की थी. उन्होंने इसके ऊपर एक patent भी बना लिया जब वो Fairchild Semiconductor में कुछ experiment कर रहे थे.

Computer में CMOS का मतलब क्या है?

CMOS Battery in Hindi

CMOS (complementary metal-oxide-semiconductor) ये techinal term usually उस छोटे amount की memory को refer किया जाता है एक computer motherboard में जो की BIOS settings को store करते हैं. कुछ BIOS settings की बात करूं तब इसमें आते हैं system time और date, साथ ही hardware settings.

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आपने बहुत बार Clearing CMOS जैसे terms को सुना होगा, लेकिन आपको ये समझ में नहीं आया होगा, तब इसका मतलब होता है BIOS settings को reset करना इसके default levels में. ये बहुत ही आसान काम होता है लेकिन इससे computer के बहुत ही problems ठीक हो जाते हैं.

CMOS के अलग नाम क्या है?

CMOS को बहुत से नाम से refer किया जाता है जैसे की Real-Time Clock (RTC), CMOS RAM, Non-Volatile RAM (NVRAM), Non-Volatile BIOS memory, और complementary-symmetry metal-oxide-semiconductor (COS-MOS). सभी का एक ही मतलब होता है जो की CMOS.

BIOS और CMOS एक साथ कैसे काम करते है

ये BIOS भी एक computer chip ही होता है motherboard के ऊपर जैसे की CMOS , वहीँ इसका काम थोडा अलग होता है जो की है communicate करना processor और दुसरे hardware components जैसे की hard drive, USB ports, sound card, video card, और दुसरे hardwares के साथ. वहीँ एक computer बिना एक BIOS के ये समझ ही नहीं सकती है की कैसे Computer के ये pieces एकसाथ काम करेंगे.

CMOS भी एक computer chip होता है motherboard में, या इसे हम ज्यादा specifically एक RAM chip भी कह सकते हैं, जिसका मतलब है की ये normally अपने settings को खो सकता है जो की ये store किये हुए होता है जब computer shut down होने लगता है. लेकिन ये CMOS battery का इस्तमाल chip को constant power प्रदान करने के लिए होता है.
जब computer पहली बार boots up होता है, तब BIOS जरुरत के सभी information को pull करता है CMOS chip से, ताकि वो सभी hardware settings, time, और अलग settings को समझ सके और उसके accordingly काम कर सके.

CMOS Battery क्या होता है?

CMOS को usually एक CR2032 cell battery के इस्तमाल से power प्रदान किया जाता है. इस Battery को CMOS battery कहते हैं.

ज्यादातर CMOS batteries की आयु lifetime के लिए होती है, जो की करीब उस motherboard की lifetime के समान होती है जिसमें उसे इस्तमाल किया जाता है. ज्यादातर cases में 10 years, लेकिन उसे कभी कभी replace भी करना पड़ सकता है. यदि आपको Incorrect या slow system date और time, और BIOS settings में loss होना, जैसे कुछ major signs देखने को मिलते हैं तब इससे पता चलता है की आपकी CMOS Battery dead है या dead होने वाली है.

इसे ठीक करने के लिए आपको उन्हें replace ही करना होगा. साथ में इसे करना बहुत ही आसान होता है आपको बस dead battery को निकालकर नया fit करना होता है.

CMOS और CMOS Batteries के बारे में

जहाँ ज्यादातर motherboards में एक spot होता है CMOS battery के लिए, वहीँ कुछ छोटे computers, जैसे की tablets और laptops में, एक छोटा सा external compartment होता है CMOS battery के लिए जो की motherboard के साथ connected होता है via दो छोटे wires.

कुछ devices जिसमें CMOS का इस्तमाल होता है वो होते हैं microprocessors, microcontrollers, और static RAM (SRAM). ये समझना बहुत जरुरी होता है की CMOS और BIOS ये दोनों interchangeable terms नहीं होते हैं. वैसे ये दोनों एक specific function के लिए मिलकर कार्य करते हैं एक computer के भीतर, लेकिन ये दोनों बिलकुल ही different components होते हैं.

जब हम Computer को start करते हैं, तब हमारे पास एक option होता है boot करने के लिए BIOS और CMOS के भीतर. CMOS setup को खोलकर, आप आसानी से इसके settings को बदल सकते हैं जो की ये store कर रहा होता है, जैसे की date और time, कैसे computer के अलग अलग components start होंगे. आप इन CMOS setup का इस्तमाल कर कुछ hardware devices को disable/enable भी कर सकते हैं.

CMOS chips की सबसे ज्यादा जरुरत battery-powered devices जैसे की laptops में होती है क्यूंकि वो बहुत ही कम power का इस्तमाल करते हैं दुसरे दुसरे प्रकार का chips का इस्तमाल करते हैं. वैसे तो वो दोनों negative polarity circuits और positive polarity circuits (NMOS और PMOS) का इस्तमाल करते हैं, लेकिन केवल एक circuit type को ही एक समय में powered किया जा सकता है.

Note CMOS का Mac equivalent को PRAM कहते हैं, जिसका Full form होता है Parameter RAM.

CMOS की Applications क्या है

Complementary MOS या CMOS की processes को बहुत ही widely implement किया जाता है और साथ में ये fundamentally सभी NMOS और bipolar processes को replace कर दिया है सभी digital logic applications से. इस CMOS technology को नीचे दर्शाये गए digital IC designs में इस्तमाल किया जाता है.

  • Computer memories, CPUs में.
  • Microprocessor designs
  • Flash memory chip designing में.
  • साथ में इन्हें इस्तमाल किया जाता है design application specific integrated circuits (ASICs) में.

इन devices को बहुत से range के applications में analog circuits के साथ इस्तमाल किया जाता है जैसे की image sensors, data converters, इत्यादि.

CMOS के Advantages

चलिए CMOS के advantages, NMOS की तुलना में के बारे में जानते हैं : –

  • इसकी बहुत ही low static power consumption होती है
  • ये Circuit की complexity को कम करती है.
  • ये Chip में High density of logic functions प्रदान करती है.
  • इसमें Low static power consumption होती है.
  • इसकी High noise immunity होती है.

NMOS क्या है

NMOS को built किया जाता है एक p-type substrate में जिसमें n-type source और drain diffused किया जाता है. NMOS में, majority carriers electrons होते हैं. जब एक high voltage apply किया जाता है gate में तब NMOS conduct करने लगता है. ठीक वैसे ही जब एक low voltage apply किया जाता है gate में, तब NMOS conduct करने लगता है. NMOS को ज्यादा fast consider किया जाता है PMOS की तुलना में, चूँकि NMOS की carriers होते हैं electrons, और ये दुगना speed गति से travel करते हैं Holes की तुलना में.

PMOS क्या है

P- channel MOSFET में P-type Source होते हैं और Drain diffused होते हैं N-type substrate में. इसमें Majority carriers होते हैं holes. जब एक high voltage को apply किया जाता है gate में, तब PMOS conduct करने लगता है. वहीँ जब एक low voltage apply किया जाता है gate में, तब PMOS conduct करने लगता है. वैसे ये PMOS devices ज्यादा immune होते हैं noise को लेकर NMOS devices की तुलना में.

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CMOS की खोज सबसे पहले किसने की थी?

सन 1963 में, Frank Wanlass ने सबसे पहले CMOS की खोज की थी. उन्होंने इसके ऊपर एक patent भी बना लिया जब वो Fairchild Semiconductor में कुछ experiment कर रहे थे.

Computer में CMOS का मतलब क्या है?

CMOS Battery in Hindi

CMOS (complementary metal-oxide-semiconductor) ये techinal term usually उस छोटे amount की memory को refer किया जाता है एक computer motherboard में जो की BIOS settings को store करते हैं. कुछ BIOS settings की बात करूं तब इसमें आते हैं system time और date, साथ ही hardware settings.

आपने बहुत बार Clearing CMOS जैसे terms को सुना होगा, लेकिन आपको ये समझ में नहीं आया होगा, तब इसका मतलब होता है BIOS settings को reset करना इसके default levels में. ये बहुत ही आसान काम होता है लेकिन इससे computer के बहुत ही problems ठीक हो जाते हैं.

CMOS के अलग नाम क्या है?

CMOS को बहुत से नाम से refer किया जाता है जैसे की Real-Time Clock (RTC), CMOS RAM, Non-Volatile RAM (NVRAM), Non-Volatile BIOS memory, और complementary-symmetry metal-oxide-semiconductor (COS-MOS). सभी का एक ही मतलब होता है जो की CMOS.

BIOS और CMOS एक साथ कैसे काम करते है

ये BIOS भी एक computer chip ही होता है motherboard के ऊपर जैसे की CMOS , वहीँ इसका काम थोडा अलग होता है जो की है communicate करना processor और दुसरे hardware components जैसे की hard drive, USB ports, sound card, video card, और दुसरे hardwares के साथ. वहीँ एक computer बिना एक BIOS के ये समझ ही नहीं सकती है की कैसे Computer के ये pieces एकसाथ काम करेंगे.

CMOS भी एक computer chip होता है motherboard में, या इसे हम ज्यादा specifically एक RAM chip भी कह सकते हैं, जिसका मतलब है की ये normally अपने settings को खो सकता है जो की ये store किये हुए होता है जब computer shut down होने लगता है. लेकिन ये CMOS battery का इस्तमाल chip को constant power प्रदान करने के लिए होता है.
जब computer पहली बार boots up होता है, तब BIOS जरुरत के सभी information को pull करता है CMOS chip से, ताकि वो सभी hardware settings, time, और अलग settings को समझ सके और उसके accordingly काम कर सके.

CMOS Battery क्या होता है?

CMOS को usually एक CR2032 cell battery के इस्तमाल से power प्रदान किया जाता है. इस Battery को CMOS battery कहते हैं.

ज्यादातर CMOS batteries की आयु lifetime के लिए होती है, जो की करीब उस motherboard की lifetime के समान होती है जिसमें उसे इस्तमाल किया जाता है. ज्यादातर cases में 10 years, लेकिन उसे कभी कभी replace भी करना पड़ सकता है. यदि आपको Incorrect या slow system date और time, और BIOS settings में loss होना, जैसे कुछ major signs देखने को मिलते हैं तब इससे पता चलता है की आपकी CMOS Battery dead है या dead होने वाली है.

इसे ठीक करने के लिए आपको उन्हें replace ही करना होगा. साथ में इसे करना बहुत ही आसान होता है आपको बस dead battery को निकालकर नया fit करना होता है.

CMOS और CMOS Batteries के बारे में

जहाँ ज्यादातर motherboards में एक spot होता है CMOS battery के लिए, वहीँ कुछ छोटे computers, जैसे की tablets और laptops में, एक छोटा सा external compartment होता है CMOS battery के लिए जो की motherboard के साथ connected होता है via दो छोटे wires.

कुछ devices जिसमें CMOS का इस्तमाल होता है वो होते हैं microprocessors, microcontrollers, और static RAM (SRAM). ये समझना बहुत जरुरी होता है की CMOS और BIOS ये दोनों interchangeable terms नहीं होते हैं. वैसे ये दोनों एक specific function के लिए मिलकर कार्य करते हैं एक computer के भीतर, लेकिन ये दोनों बिलकुल ही different components होते हैं.

जब हम Computer को start करते हैं, तब हमारे पास एक option होता है boot करने के लिए BIOS और CMOS के भीतर. CMOS setup को खोलकर, आप आसानी से इसके settings को बदल सकते हैं जो की ये store कर रहा होता है, जैसे की date और time, कैसे computer के अलग अलग components start होंगे. आप इन CMOS setup का इस्तमाल कर कुछ hardware devices को disable/enable भी कर सकते हैं.

CMOS chips की सबसे ज्यादा जरुरत battery-powered devices जैसे की laptops में होती है क्यूंकि वो बहुत ही कम power का इस्तमाल करते हैं दुसरे दुसरे प्रकार का chips का इस्तमाल करते हैं. वैसे तो वो दोनों negative polarity circuits और positive polarity circuits (NMOS और PMOS) का इस्तमाल करते हैं, लेकिन केवल एक circuit type को ही एक समय में powered किया जा सकता है.

Note CMOS का Mac equivalent को PRAM कहते हैं, जिसका Full form होता है Parameter RAM.

CMOS की Applications क्या है

Complementary MOS या CMOS की processes को बहुत ही widely implement किया जाता है और साथ में ये fundamentally सभी NMOS और bipolar processes को replace कर दिया है सभी digital logic applications से. इस CMOS technology को नीचे दर्शाये गए digital IC designs में इस्तमाल किया जाता है.

  • Computer memories, CPUs में.
  • Microprocessor designs
  • Flash memory chip designing में.
  • साथ में इन्हें इस्तमाल किया जाता है design application specific integrated circuits (ASICs) में.

इन devices को बहुत से range के applications में analog circuits के साथ इस्तमाल किया जाता है जैसे की image sensors, data converters, इत्यादि.

CMOS के Advantages

चलिए CMOS के advantages, NMOS की तुलना में के बारे में जानते हैं : –

  • इसकी बहुत ही low static power consumption होती है
  • ये Circuit की complexity को कम करती है.
  • ये Chip में High density of logic functions प्रदान करती है.
  • इसमें Low static power consumption होती है.
  • इसकी High noise immunity होती है.

CMOS Battery की जानकारी हिंदी में

 आपको CMOS Battery के बारे मैं पता है? CMOS Battery क्या काम करती है? और CMOS Battery के क्या फायेदे है? और क्यूँ ये हमारे Computer, Laptop, Tablet के लिए जरूरी है? अगर आपको नहीं पता तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, मैं आपको बताऊंगा CMOS Battery क्या है? और यह CMOS Battery कैसे काम करती है?

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CMOS की जानकारी हिंदी में (CMOS Ki Jankari Hindi Me)

कोई अगर आपसे ये सवाल करे की ये CMOS Battery क्या है? CMOS Battery क्या काम करती है? और CMOS Battery से क्या फायेदे है? तो हमारे मन में कुछ इसी तरह के सवाल उठते है. और हम जो है इन ही सवालों मैं परेशान रहते है. इन सभी सवालों के जवाब इस Article में आपको मिलेंगे तो चलिए फिर शुरू करते है.

वैसे तो आप सभी को ये बात तो पता है की जब कभी भी Integrated Circuit की जब भी बात आती है तो कोई कैसे CMOS Battery को भूल सकता है. ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्यूँ के CMOS Battery के दो सबसे बड़े Advantages है. जो कोई आपको दूसरा प्रदान (Provide) नहीं कर सकता है. इसका सबसे पहला प्रदान (Provide) है High Noise Immunity और दूसरा प्रदान (Provide) है Low Static Power Consumption है. और CMOS Battery जो है Circuits का इस्तेमाल करती हैं, इस में जो है P-Type और N-Type MOSFET की एक जो है Combination है. जिससे की वो आसानी से Logic Gates और दूसरे Digital Circuit को Implement कर सकें.

अगर ऐसा देखा जाए तो CMOS Battery के ऐसे बहुत से Features और Advantages हैं, जिसके कारण इसे प्राय सभी (Almost all) Modern Integrated Circuits में सथान (Location) दिया जाता है.

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CMOS Battery क्या है?

सबसे पहले तो आप सभी को में CMOS का Full Form बताऊंगा, CMOS का Full Form है Complementary Metal Oxide Semiconductor है. CMOS Battery Technology एक बहुत बड़ी Popular Technology है Computer Chip DesignIndustry में और इसे Broadly इस्तेमाल किया जाता है.

आज के समय में Integrated Circuits के रूप में बहुत से Applications में अभी के समय की Computer Memories CPUs और Cell Phones में इस Technology का इस्तेमाल बहुत होता है इसके बहुत से Advantages होने के कारण, इस Technology में Semiconductor Devices के दोनों P Channel और N Channel का इस्तेमाल किए जाते है.

अभी के समय की बहुत ही Popular MOSFET Technologies Available है वो होती है, Complementary MOS या CMOS Technology. यह एक Dominant Semiconductor Technologyहोती है, Microprocessors, Microcontroller Chips, Memories जैसे की RAM, ROM, EEPROM और Application Specific Integrated Circuits (ASICs) की.

CMOS की जो मुख्य Advantage होती है NMOS और BIPOLAR Technology की तुलना वो होती है इसकी Smaller Power Dissipation. NMOS और BIPLOAR Circuits के विपरीत एक Complementary MOS Circuit में almost कोई भी Static Power Dissipation नहीं पाई जाती है.

Power केवल तभी Dissipate होता है जब Circuit Actually Switch करता है. इसके फलस्वरूप (As a Result) होता है. ये हैं की एक IC में ज्यादा मात्र (More Than) की CMOS Gates को Integrate किया जा सकता है NMOS और Bipolar Technology की तुलना में जिससे ज्यादा बेहतर Performanceप्रदान (Provide) की जा सकती है।

क्या BIOS और CMOS एक साथ काम करते है? अगर करते है तो वो कैसे करते है?

ये जो BIOS है यह भी एक Computer Chip ही होता है. Motherboardके ऊपर जैसे की CMOS, वहीं इसका काम जो है थोड़ा अलग होता है. जैसे की है Communicate करना Processorऔर दूसरे Hardware Components को, जैसे की Hard Drive, USB Ports, Sound Card, Videos Card, और दूसरे Hardware’s के साथ. वहीं एक Computer बिना एक BIOS के ये समझ ही नहीं पता है की कैसे Computer के ये Pieces एक साथ काम कर सकते है.

CMOS भी जो है एक Computer Chip होती है, Motherboard में या इसे हम ज्यादा Specifically एक RAM Chip भी कह ही सकते हैं, जिसका मतलब यह होता है की Normally यह जो है अपने Settings को खो (Lost) सकता है जो की ये Store किए हुवे होता है. जब Computer Shut Down होने लगता है. लेकिन ये CMOS Battery का इस्तेमाल Chip को Constant Power प्रदान (Provide) करने के लिए होता है.

जब Computer पहली बार Boots UP होता है तो, तब जो है BIOS की जरूरत के सभी Information को Pull करता है. CMOS Chip से ताकि वो सभी Hardware Settings को समझ सके और उसके Accordingly जो है काम कर सके.

CMOS Battery क्या होता है? और यह कैसे काम करता है?

CMOS को Usually एक CR2032 Cell Battery के इस्तेमाल से Power प्रदान (Provide) किया जाता है. और इस Battery को CMOS Battery कहते हैं.

अगर आपने इस बात पर गौर किया है या नहीं की जो ज़्यादातर CMOS Batteries की आयु होती है वो Lifetime के लिए होती है. जो की करीब उस Motherboard की Lifetime के समान होती है, जिस में उसे इस्तेमाल किया जाता है. ज़्यादातर Cases में 10 Years, लेकिन इसे कभी कभी Replace भी करना पड़ सकता है. अगर आपको Incorrect या Slow System Date और Time, और BIOS Settings में Loss होना, जैसे कुछ Major Signs देखने को मिलते हैं तब इससे पता चलता है की आपकी CMOS Battery Dead है या फिर Dead होने वाली है.

इसे ठीक करने के लिए आपको उन्हे Replaceही करना पड़ता है. साथ में इसे Replace करना बहुत ही आसान होता है आपको बस Dead Battery को निकालकर नया CMOS Battery जो है Fit करना होता है.

CMOS और CMOS Batteries क्या है? और यह कैसे काम करता है?

जहाँ ज़्यादातर Motherboard में एक Spot होता है जो की, CMOS Battery के लिए वहीं कुछ छोटे Computers, जैसे की Tablets हो या फिर Laptops में एक छोटा सा External Compartment भी  होता है, CMOS Battery के लिए जो की Motherboard के साथ Connected होता है Viaदो छोटे Wires के जरिए.

कुछ Devices जिसमें CMOS का इस्तेमाल होता है वो होते हैं Microprocessors, Microcontrollers, और Static RAM (SRAM). ये समझना बहुत ही जरूरी होता है की CMOS और BIOS ये दोनों Interchangeable Terms नहीं होते हैं. वैसे ये दोनों एक Specific Function के लिए मिलकर कार्य (Work) करते हैं. एक Computer के भीतर, लेकिन ये दोनों बिलकुल ही Different Components Available होते हैं.

जब हम Computer को Start करते हैं तो, तब हमारे पास एक Option Available होता है की Boot करने के लिए BIOS और CMOS के भीतर CMOS Setup को खोलकर, आप आसानी से इसके Settings को बदल भी सकते हैं जो की ये Store कर रहा होता है. जैसे की Date और Time कैसे Computer के अलग अलग Components Starहोंगे. आप इन CMOS Setup का इस्तेमाल कर कुछ Hardware Devices को Disable/Enable भी कर सकते हैं.

CMOS Chips की सबसे ज्यादा जरूरत Battery Powered Devices जैसे की Laptops में होती है. क्यूंकी वो बहुत ही कम Power का इस्तेमाल करते हैं, और दूसरे-दूसरे प्रकार (Type) का Chips का इस्तेमाल करते हैं. वैसे तो वो दोनों NMOS (Negative Polarity Circuits) और PMOS (Positive Polarity Circuits) और इसका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन केवल एक Circuit Typeको ही एक समय में Powered किया जा सकता है.

CMOS का MAC Equivalent को PRAM कहते हैं, जिसका Full Form होता है Parameter RAM.

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह CLASS CMOS क्या है? जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की viewers को CMOS in hindi के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस class के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है. इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस class को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं. यदि आपको यह class CMOS क्या होता है

Ummeed hai aapko hamari iss class mein jo bhi bataya gaya h, wo poori tarah se samjh mein aaya hoga…. Yadi haan toh hamari aage aane wali classes ko bhi join kare Aur apna feed…..Dhanyawaad.

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