सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं, इसके प्रकार और कैसे बनाते है?,सॉफ्टवेयर के प्रकार#

Table of Contents

hello guys aaj ki class me ham sikhne wale h ki सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं, इसके प्रकार और कैसे बनाते है?,सॉफ्टवेयर के प्रकार to start krte h

ham pahle is class ka ek overview dek lete h to ham padne wale h ki

1.सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं,
2.सॉफ्टवेयर क्या है – What is Software in Hindi
3.सॉफ्टवेयर के प्रकार
5.सॉफ्टवेयर की परिभाषा
6,सॉफ्टवेयर कौन बनाते है?
7.सिस्टम सॉफ्टवेयर बनाने के लिए प्रोग्राम को क्या जानना जरूरी होता है?
8.फ्री कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का दूसरा नाम क्या है?
9.एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है और इसके प्रकार
10.एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है -What is Application Software in Hindi
11.Application software की definition in Hindi
12Software और Hardware क्या होते हैं?

Aur bhi bahut kuch … toh class mein end tak bane rhe

to let’s start it

सॉफ्टवेयर क्या है, ये शायद आपको बताने की कोई भी जरुरत नहीं; क्यूँकी जो कोई smartphone या computer इस्तमाल करते है, वो इस शब्द से पहले ही वाकिफ हैं. कुछ वर्षों पहले की बात है जब मानव कंप्यूटर से वाकिफ हुआ, उस समय शायद आप छोटे बच्चे होंगे.

किंतु कंप्यूटर के आने के बाद हमारी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई. हम इतने आलसी हो गए हैं की हम प्रत्येक कार्य कंप्यूटर या फिर Mobile के द्वारा ज्यादा कर रहे हैं. इसमें हमारी कोई गलती नहीं हैं क्यूंकि इसी Computer से हमारी ज़िदगी आसान बन गई है.

वैसे ही Computer दो चीजों से बना है एक Hardware और दूसरा Software. हाथ, पावों, नाक, कान, आंखे हमारें शारीर के Hardware हैं जिन्हें हम हाथ लगा सकते हैं. वहीँ दया, माया, प्यार, दर्द ये सब हमारे शारीर के Software हैं जिन्हें हम हाथ लगा नहीं सकते हैं.

आज के समय में जितने भी Digital devices है जैसे Mobile, desktop, tablaptop, oven इन सभी में सॉफ्टवेयर Program है. तो चलिए जानते है के सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं और ये कितने प्रकार के होते है.

सॉफ्टवेयर क्या है – What is Software in Hindi

सॉफ्टवेयर बहुत सारे प्रोग्राम्स का संग्रह होता है जो एक कंप्यूटर के विशिष्ट कार्य को निष्पादन करता है.

हम अपने Computer में जितने भी Task करते हैं वो सभी इस software के माध्यम से ही संपन होते हैं. Software उन set of instructions को refer किया जाता है जिन्हें की fed किया जाता है programs के form में, ताकि वो पुरे computer system को govern कर सके और साथ में दुसरे hardware components को process भी कर सकें.

ये वो commands होते हैं जो की hardware को drive करते हैं. MS-WORD जिसमे हम कुछ TYPE करते है. Photoshop जिसमे हम photos को edit करते हैं. Chrome जिसे Internet Access करते हैं, जिसे Browser भी कहते हैं.

Software के उदहारण हैं Google Chrome, Photoshop, MS-WORD, VLC Player, UC Browser इत्यादि.

सॉफ्टवेयर के प्रकार

मुख्यतः कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तीन प्रकार के होते हैं; एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर, सिस्टम सॉफ्टवेयर और यूटिलिटी सॉफ्टवेयर।

1. एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर: एप्लिकेशन ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो एक विशिष्ट कार्य या संबंधित कार्यों का एक सेट करते हैं, और इसे अक्सर कंप्यूटर के साथ खरीदा जाता है जब इसे खरीदा जाता है।

2. सिस्टम सॉफ्टवेयर: सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के अलग-अलग हिस्से होते हैं जो कंप्यूटर को ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर और उपयोगिताओं जैसे कार्य करने की अनुमति देते हैं।

3. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर: यूटिलिटी सॉफ्टवेयर उत्पादकता उपकरण हैं जो विशिष्ट कार्यों या कार्यों के सेट को आसान बनाने में मदद करते हैं जैसे वर्ड प्रोसेसिंग, स्प्रेडशीट प्रोग्राम, डेटाबेस प्रबंधन और फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर।

सॉफ्टवेयर की परिभाषा

सॉफ़्ट्वेर या जिसे हाँ कम्प्यूटर सॉफ़्ट्वेर भी कहते हैं वो असल में एक कुछ प्रोग्राम होते हैं जो की यूज़र को सक्षम बनाते हैं कुछ कुछ विशेष कार्य करने के लिए। ये असल में कम्प्यूटर सिस्टम को या उसके peripheral devices को निर्देशित करती है कुछ कार्य करने के लिए और साथ में उस कार्य को कैसे करना है वो भी बताती है। 

सच में एक software बहुत ही बड़ी और मुख्य भूमिका निर्वाह करता है एक यूज़र और कम्प्यूटर हार्डवेर के बीच में। सॉफ़्ट्वेर के बिना महजूदगी में एक यूज़र चाहकर भी किसी भी प्रकार का काम कम्प्यूटर पर नहीं कर सकता है। 

सॉफ्टवेयर कौन बनाते है?

सॉफ़्ट्वेर को मुख्य रूप से सॉफ़्ट्वेर डिवेलपर बनाते हैं। ये सॉफ़्ट्वेर डिवेलपर जिस कम्पनी में काम करते हैं उसे software product development company कहा जाता है। यहाँ यूज़र के ज़रूरत के हिसाब से सॉफ़्ट्वेर तैयार किया जाता है।

सॉफ्टवेयर को हम क्यूँ देख या छु नहीं सकते हैं?

Softwares को हम अपनी आंखों से न तो देख सकते हैं और ना ही इसे अपने हाथों सेछु सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता हैं. यह एक आभासी वस्तु हैं जिसे केवल समझा जा सकता हैं.

हम कभी भी सॉफ्टवेयर Application के बिना अपने Computer और Mobile को चला ही नहीं सकते हैं.

     Software                       Examples
AntivirusAVG, Housecall, McAfee, Norton
Audio / Music programiTunes, WinAmp
DatabaseAccess MySQL SQL
Device driversComputer drivers
E-mailOutlook, Thunderbird
GameMadden, NFL Football, Quake, World of Warcraft
Internet browserFirefox, Google Chrome, Internet Explorer
Movie playerVLC, Windows Media Player
Operating systemAndroid, iOS, Linux, macOS, Windows
Photo / Graphics programAdobe PhotoShop, CorelDRAW
PresentationPowerPoint
Programming languageC++, HTML, Java, Perl, Visual Basic (VB)
SimulationFlight simulator SimCity
SpreadsheetMS Excel
UtilityCompression, Disk Cleanup, Encryption, Registry cleaner, Screensaver
Word processorMS Word

सॉफ्टवेयर का हिंदी अर्थ

Instructions या Programs के Collection को सॉफ्टवेयर कहते हैं, यह Programs Computer को Users के इस्तमाल योग्य बनाते हैं.

जैसे Operating System, सबसे पहले Android OS (Operating System) Software को Mobile/Computer में Install किया जाता है, उसके बाद ही आप इसे इस्तमाल करते हैं. अब सवाल आता है यह Programs और Instruction क्या है. इसे पहले आपको Programming Language का ज्ञान होना अति आवश्यक है.

Ummeed h ki class aapko pasand aa rahi hogi to bane rahiye class me our sikte rahiye to jante h

Programming Language क्या है?

Programming Language की बात करें तब यह एक ऐसी भाषा या language होती है जिसके द्वारा की Computer Software और Application बनाया जाता है. इसमें बहुत सारे Keywords, Functions और Rules रहते हैं. इन Rules के जरिये हम ऐसे Programs लिखते हैं, जिन Programs को Computer समझता है और कुछ निर्देशित Task Perform करता है.

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या यह भी कह सकते हैं Programming Language को इस्तमाल करके Software बनाया जाता है.

उदाहरण के लिए C, C++, JAVA, PHP,My SQL, .NET, COBOL और FOXPRO ये सब एक एक Programming Language के नाम हैं.

आप Play store में जितने भी Application और Internet में जितने भी Software देख रहे हैं, वो सभी इन Programming Languages के द्वारा Develop किए जाते हैं. इनसे ही हम Programs लिखते हैं.

Programs और Instruction क्या होते हैं ?

कई सारे Instructions को मिलाके एक Program बनता है. ये सभी Programs को लिखने के लिए Programming Language का इस्तमाल होता है. शायद आप पढ़े भी होंगे अपने College में की “Write a Program to Check whether the Number is Prime or Not”. यह एक प्रोग्राम का उदहारण है.

Computers में आप जरुर देखे होंगे Calculator होता है. जिसमे आप Addition, Subtraction, Multiplication और Division कर सकते हैं.

अब यहाँ पर Calculator एक Software है, वहीँ इसमें स्तिथ Addition के लिए अलग Program, Subtraction के लिए अलग Program, ऐसे ही Multiplication और Division के लिए अलग से Program लिखे जाते हैं. इन चारों Programs जब एक ही जगह जोडे दते है तब एक बड़ा Program बन जाता है, जिसे Software कहते हैं.

सॉफ्टवेयर के कितने प्रकार होते हैं? हर दिन हम बहुत से अलग अलग प्रकार के सॉफ्टवेयर इस्तिमाल करते है. ये सभी software हमें हमारे कार्यों को सठिक रूप से करने में और साथ ही हमारी efficiency बढ़ाने के लिए काम आती हैं. जब हम अपना कम्प्यूटर शुरू करते हैं तब MS Windows हमारे सामने होता है, वहीं मोबाइल के खोलते ही Android OS सामने दिखायी पड़ता है. ऐसे ही बहुत से अलग अलग सॉफ़्ट्वेर का दैनिक हम उपयोग करते हैं. 

किसी के लिए भी इतने अलग अलग प्रकार के सॉफ्टवेयर के बारे में समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, ख़ासकर उन लोगों के लिए जिन्हें की टेक्नॉलजी के बारे में उतनी जानकारी नहीं होती. इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम सॉफ्टवेयर के प्रकार को जानेंगे. इससे आपको इन्हें बेहतर रूप से समझने में सुविधा होगी. तो फिर चलिए शुरू करते हैं. अनुक्रमदिखाएँ

सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते हैं?

सॉफ्टवेयर 3 प्रकार के होते हैं. हमारे कार्य सैली को आसान करने के लिए और कम समय में करने के लिए इनको बनाया गया है. हर रोज उठते ही हम जरुर एक सॉफ्टवेयर का इस्तमाल करते हैं चाहे वो Whatsapp क्यों ना हो. अब ये मेरा लेख भी एक Browser software के माध्यम से ही पढ़ रहे हैं. चलिए अब सॉफ्टवेयर के तीन प्रकार के बारे में जानते हैं.

software ke prakar hindi
  • System Software
  • Application Software
  • Utility Software

1. सिस्टम सॉफ्टवेयर

System Software वो Software होते हैं जो Computer के Background Process को सँभालता हैं. इसको system software इसलिए कहते हैं क्यूंकि ये System मतलब Computer को चलाने में मदद करत हैं. इनकी मदद से Computer दुसरे Components जैसे Hardware को Operate करने में सख्यम होता जाता है.

आप अपने Computer में जितने भी software install करते हैं वो सभी को यही Program चलाता है. ओर एक बात अगर computer में ये सिस्टम software नहीं होता तो आप कोई भी Application Software को चला नहीं सकते हैं.

जब कोई भी नया Computer ख़रीदा जाता है उसमे पहले System Software को install किया जाता है. जैसे Operating System (Windows 7, Windows 8, MAC, Unix, Android), Language Translator. यह Hardware और User application के बिच में Layer जैसे काम करता है. चलिए जानते हैं.

i. Operating System

OS यह एक System Software है, जो की user मतलब आप के और Computer Hardware के बिच में Interface जैसे काम करता है. इसको Computer का दिल भी कहते हैं. यह एक बहुत ही बड़ा प्रोग्राम है. जिसके कुछ उदाहरण है Windows, Linux and MacOS. Android Mobile Operating System है.

Market में कुछ गिने चुने IT Companies हैं जो इस प्रकार के SW Develop करती हैं. जैसे Microsoft, Apple और Google. अलग अलग प्रकार के OS हैं real time, distribute, embedded.

ii. Language Translators

assemblers, compilers और interpreters Language translators के Example हैं. इन Programs को Programming Languages के लिए बनाया गया है. EX- C, c++, java, cobol. Compiler को High Level Programming को Execute करने के लिए बनाया गया है.

यह पुरे Program को एक बार में Translate करता है. लेकिन Interpreter Direct translate करता है. Line by Line Code को Execute करता है.

iii. Common Utility Programs

इन Programs को खास तोर पे Computer Devices और Resources लिए बनाए गए हैं. इस Category में जो Programs होते हैं उनके नाम हैं Communication Tools और Disk Formatter.

ये Programs का जादा इस्तमाल Computer Infrastructure के Operations पे होता है. Virus Scanner Program भी एक Utility software का Example है. Trojan और दुसरे Virus से Protection देता है पुरे System

2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

Application software एक term होता है जिसका इस्तमाल उन softwares के लिए होता है जो की कोई specific काम करने के लिए बने होते हैं.

जैसे की आपको पता है System Software Background Process के उपर ज्यादा ध्यान देते है. किंतु वहीँ  Application software specific Task को Perform करते हैं. इनको Problem Solving Software भी कहते हैं. हमारे रोज मर्रा जिंदगी में होने वाले Problems के Solution Application sw द्वारा मिलते हैं.

ये हमारे Needs को पुरे करते हैं. ये सारे Software Operating System द्वारा चलते हैं. आपके computer के desktop पे जितने भी Software दिख रहे हैं वो सभी इस Category में आते हैं. इनको Apps भी बोला जाता है. इनको बस User अपने काम काज के लिए इस्तमाल करता है. इन सॉफ्टवेर को आपको install करने की आवश्यकता है. चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

i. Word Processors

Documents Creation के लिए इनका इस्तमाल किया जाता है. इस category में आने वाले sw का इस्तमाल ज्यादातर Office के काम काज के लिए किया जाते है. MS WORD इस Category का बहतरीन उदहारण है. जिसके जरिये हम document को Edit, Format, Print जैसे task आसानी से कर सकते हैं.

Word Processor Program, Office के काम काज को आसान से आसान और सरल बना दिए है. Documents को Digital Format में Store करने के साथ साथ किसीको भी भेजा भी जा सकते हैं.

ii. Database Software

इस Category के Software से Database को Create करने के लिए और Manage करने के लिए इस्तमाल किया जाता हैं. इनके जरिये Data और Information को हम आसानी से Manage कर सकते हैं. कभी ये software DBMS नाम से भी जाने जाते हैं. इनके कुछ Example हैं -MS Access, Foxpro, Qbase, Oracle and Sysbase.

iii. Multimedia software

इस Category के Software को अलग अलग Media के लिए इस्तमाल किया जाता है. Multimedia मतलब Audio, Video को play करने के लिए जो software होते हैं उन्हें Multimedia Software कहते हैं. Example- VLC, KM Player, Windows Player. Presentation के लिए MS-PowerPoint.

iv. Education and Reference Software

इस category में आने वाले Software को कुछ चीजों को effective तरीके से सिखाने के लिए students के लिए बनाए गए हैं. इनमे कुछ Tutorials Software भी हैं. इनको Academic Software भी कहते हैं. इनके कुछ Example हैं- Forever Growing Garden, ClueFinders titles, Delta Drawing,Fun School.Ultimate Math’s Invaders, My Amazing, 3D Indiana, Bodywork Voyager – Mission in Anatomy, Primal Pictures

v. Graphic software

इनको Graphics के लिए इस्तमाल किया जाता है. इसीलिए इनका नाम Graphics SW है. इन SW का इस्तमाल Visual Images को Edit करने के लिए किया जाता है. ख़ास कर Photo Editing में.

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सबसे अच्छा Example है Adobe Photoshop, camtasia, ms paint, Corel. Computers में इनके लिए अलग से Graphics कार्ड की आवश्यकता होती है. इस sw की size भी ज्यादा होती है.

vi. Web Browser

Internet access करने के लिए जिन software’s का इस्तमाल होता है उन्हें Web Browser कहते हैं. WORLD WIDE WEB से files और Resources को access करने के लिए इस्तमाल होते हैं. अलग website से Web Pages को खोलने के लिए इनका इस्तमाल होता है.

यह एक लोक प्रिय Application Software है. Google CHROME, Internet explorer, Mozilla Firefox ये सभी सॉफ्टवेर इस category के sw में आते हैं.

कुछ ओर application SW के Example हैं Enterprise software, spreadsheet software, Information worker software, Simulation software, games.

3. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर

Utility software ऐसे softwares को कहा जाता है जो की आपको मदद करें आपके computer को manage, maintain और control करने में. वैसे Operating systems typically ऐसे बहुत से necessary tools पहले से ही pre-installed रखती है, लेकिन separate utility programs के मदद से ये आपको improved functionality प्रदान करती है.

Utility software अक्सर थोड़े technical होते हैं इसलिए इनका इस्तमाल केवल वही ठीक ढंग से कर सकते हैं जिन्हें की सही technical knowledge हो.

अगर आप अपने computer का इस्तमाल केवल e-mail करने के लिए, कुछ Internet browsing या कोई report type करने के लिए करते हैं तब शायद आपको इन utilities की ज्यादा जरुरत न पड़े.

वहीँ अगर आप एक avid computer user हो, तब इन utilities के इस्तमाल से आप अपने system को हमेशा top shape में रख सकते हैं. इसके अलावा ये आपकी समय और space दोनों की बचत कर सकता है.

सॉफ्टवेयर कैसे बनाएं

एक Computer Programmer या बहुत सारे कंप्यूटर Programmer मिलके Programming Language से Program लिख के software बनांते हैं. इन Software को बनाने के लिए आपको Programming Language के साथ साथ Algorithms, Software Enginnering का ख़ास ज्ञान होना चाहिए.

सॉफ्टवेयर के कितने भाग होते हैं?

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के तीन भाग होते हैं.
1) सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)
2) अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर (Application Software)
3) प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर (Utility Software)

सिस्टम सॉफ्टवेयर बनाने के लिए प्रोग्राम को क्या जानना जरूरी होता है?

सिस्टम सॉफ्टवेयर बनाने के लिए programming का ज्ञान होना जरूरी होता है. ऐसा इसलिए क्यूँकि सिस्टम सॉफ़्ट्वेर हो या दूसरा कोई सॉफ़्ट्वेर सभी का base प्रोग्रैमिंग ही होता है. ऐसे में यदि आपको थोड़ा बहुत प्रोग्रैमिंग मालूम है या आप इसे समझते हैं तब इससे आपको कोडिंग लिखने में आसानी होती है. 

फ्री कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का दूसरा नाम क्या है?

फ्री कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का दूसरा नाम Freeware होता है. इन फ्री कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का इस्तमाल आप बिलकुल ही मुफ़्त में कर सकते हैं.

आज आपने क्या सीखा?

मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह class सॉफ्टवेयर के प्रकार जरुर पसंद आई होगी. मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की viewers को सॉफ्टवेयर कैसे बनाते है के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस class के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है.

इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे. यदि आपके मन में इस class को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं.

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है और इसके प्रकार

हम सभी Users अपने Smartphones में, Computer में, laptop में या tablet में बहुत सारे Applications का इस्तमाल करते हैं. लेकिन क्या आप सही माईने में जानते हैं की ये एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है? इसके अलग अलग प्रकार क्या हैं और ये किस तरह से काम करता है. यदि आपको इनके विषय में ज्यादा जानकारी नहीं है तब तो आपके लिए यह class बहुत ही मददगार सिद्ध होने वाला है. क्यूंकि आज हम Application Software के सभी basic points को जानने वाले हैं और इसके साथ ये जानने वाले हैं की Application Software और System Software में क्या अन्तर हैं.

वैसे अगर इसकी एक general definition समझें तब यह एक ऐसा Software होता है जिसे की किसी specific task को करने के लिए किया जाता है जिससे ये users की मदद कर सके. इन software के बारे में और अधिक जानना है तब आपको यह class पूरा पढना होगा. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को Application Software क्या है के विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की जाये जिससे आने वाले समय में आपको इसके सम्बन्ध में कोई भी doubts न हो. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या होता है हिंदी में.

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है -What is Application Software in Hindi

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर एक term होता है जिसका इस्तमाल उन softwares के लिए होता है जो की कोई specific काम करने के लिए बने होते हैं. ये generally एक program या collection of programs होता है जिसे की end users के द्वारा इस्तमाल किया जाता है. वैसे इसे आप एक application या simply एक app भी कह सकते हैं. देखा जाये तो सभी दुसरे software जो की system software और programming software नहीं है उन्हें आप एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कह सकते हैं.

Application software की definition in Hindi

यह एक ऐसा software होता है जिसे की users को मदद करने के लिए develop किया गया होता है और ये केवल एक ही specific task perform कर सकता है. ऐसे Softwares को एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कहा जाता है. ये System Software से पूरी तरह अलग होता है. जहाँ System Software background में चलता रहता है वहीँ Application Software front end में चलता है और ये Users को चलता हुआ दिखाई भी पड़ता है.

चलिए Application Software के कुछ उदाहरणों के विषय में जानते हैं :

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के प्रकार

वैसे तो Application Softwares के बहुत से प्रकार हैं लेकिन यहाँ नीचे मैंने कुछ important types के विषय में बताया है. तो चलिए उनके विषय में जानते हैं.

1.  Application Suite: इसमें multiple applications एक साथ bundled होते हैं. जिसमें Related functions, features और user interfaces एक दुसरे के साथ interact करते हैं.

2.  Enterprise Software: ये किसी organization की जरूरतों को पूर्ण करता है और इसमें data flow होता है एक huge distributed environment में.

3.  Enterprise Infrastructure Software: ये ऐसे capabilities प्रदान करता है जो की की चाहिए enterprise software systems को support करने के लिए.

4.  Information Worker Software: ये Address करता है individual जरूरतों को जो की चाहिए manage और create करने के लिए information सभी individual projects के लिए departments के भीतर.

5.  Content Access Software: इसका इस्तमाल होता है content access करने के लिए और किसी published digital content और entertainment को address करने के लिए.

6.  Educational Software: ये ऐसे content प्रदान करता है जिसकी जरुरत होती है students के इस्तमाल के लिए.

7.  Media Development Software: यह ऐसे electronic media generate और print करती है जो की individual की need होती है consume करने के लिए.

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Software और Hardware क्या होते हैं?

ये term ‘software’ refer करता है उन set of electronic program instructions या data को जिन्हें एक computer processor read करता है कोई एक task या operation को perform करने के लिए. वहीँ उसके विपरीत, ये term ‘hardware’ refer करता है उन physical components को जिसे की हम देख सकते हैं. छु सकते हैं जैसे की computer की hard drivemouse, और keyboard.

Software को categorized किया जाता है उनके design के हिसाब से जिन्हें कुछ चीज़ accomplish करना होता है. ऐसे में Software के दो main types मेह्जुद हैं:-

1) Systems software
2) Application software

Systems Software

Systems software में ऐसे programs होते हैं जिन्हें की ख़ास तरीके से बनाया गया होता है computer को manage करने के लिए जैसे की operating systemfile management utilities, और disk operating system (या DOS). ये operating system manage करते हैं computer hardware resources को applications और data के साथ. वहीँ अगर computers में systems software install नहीं होते तब हम कुछ भी operation करने के लिए हमें उसके लिए instructions को type करना पड़ता. जो की कर पाना सच में एक असंभव काम लगता है.

Applications Software

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, या simply applications, इन्हें अक्सर productivity programs भी कहा जाता है या end-user programs क्यूंकि वो users को enable करते हैं tasks complete करने के लिए, जैसे की documents create करना, spreadsheets, databases और publications, online research करना, email भेजना, designing graphics, running businesses, और यहाँ तक की गेम play करना. कहने का मतलब यह है की एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बहुत ही specific होते हैं किसी task को करने के लिए. उन्हें केवल उसी task को करने के लिए ही design किया गया होता है. ये एक simple calculator application हो सकता है या एक complex word processing application भी हो सकता है.

Window Based Application क्या होता है और किसे कहते हैं?

Windows Application एक user build application होता है जो की एक Windows platform में run करता है. इन windows application में एक graphical user interface होता है जिसे की Windows Forms के द्वारा प्रदान किया गया होता है. Windows forms ऐसे बहुत ही variety के control प्रदान करते हैं जिसमें Button, TextBox, Radio Button, CheckBox, और दुसरे data और connection controls शामिल हैं.

Mutation Application क्या है?

Mutation Application उन application को कहा जाता है जिनका इस्तमाल होता है title ownership को change करने के लिए एक person से दुसरे तक जब कोई property को sold या transfer किया जाता है. किसी property को mutating करने का मतलब होता है की वो नया owner अपने नाम में उस जमीन या जायदाद को कर लेता है किसी land revenue department में जाकर और government भी उससे property tax charge कर सके. इन सभी documentation procedure को पहले manually किया जाता था वहीँ अभी इसके लिए Mutation Application का इस्तमाल किया जाता है.

Categorization of Application Software और System Software

दोनों Application Software और System Softwares को ज्यादा बेहतर रूप से समझने के लिए उन्हें ठीक ढंग से Categorize करना बहुत ही जरुरी होता है. तो चलिए उन्हें एक एक कर categorize करते हैं.

जैसे की हम पहले ही जानते हैं की एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को एक ही task perform करने के लिए बनाया गया है. ऐसे में अलग level के language के इस्तमाल से बहुत से अलग प्रकार के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं जैसे की :

1) Word processing software

यह एक ऐसा tool होता है जिसका इस्तमाल होता है letters, word sheets, type papers इत्यादि को create करने के लिए.
Eg: MS Word, MS Works, AppleWorks

2) Spreadsheet Software

एक ऐसा tool होता है जिसका इस्तमाल होता है number intensive problems को compute करने के लिए जैसे की forecasting, budgeting इत्यादि.
Eg: MS Excel, Quattro Pro, Lotus 1-2-3, MS Works

3) Desktop Publishing Software

इस tool का इस्तमाल illustrative worksheets, banners, newsletters, signs, gift cards इत्यादि करने के लिए इस्तमाल होता है.
Eg: MS Word, MS Publisher, Adobe PageMaker

4) Database Software

इसका इस्तमाल data store करने के लिए किया जाता है जैसे की text information, memberships, address etc. ये users को मदद करता है information को सही ढंग से sort करने के लिए.
Eg: MS Access, FileMaker Pro

5) Communication Software

ये Software Allow करता है connected computers को एक दुसरे के साथ communicate करने के लिए जिसके लिए वो audio, video या chat-based medium का इस्तमाल करते हैं.
Eg: MS Net Meeting, IRC, ICQ

6) Presentation Software

इसका इस्तमाल multimedia stacks of cards/screens का बनाने के लिए इस्तमाल किया जाता है.
Eg: MS Powerpoint, Hyper Studio, Flash, Super Card, HyperCard

7) Internet Browsers

इस tool के इस्तमाल से कोई user web में surf करता है, अपने emails read कर सकता है और साथ में web pages भी create कर सकते हैं.
Eg: Netscape Navigator, MS Internet Explorer

8) Email Programs

इन software का इस्तमाल मुख्य रूप से emails को send और receive करने के लिए किया जाता है.

Eg: MS Outlook, Netscape Messenger, Eudora, AOL Browser
जैसे जैसे technology और users की तादाद evolve हो रहे हैं, ऐसे में application software भी बदलते रहते हैं और उनमें बेहतर modifications लाया जाता है जिससे की वो real-world problems को solve कर सकें.

System Softwares की Categorization कैसे करे

देखा जाये तो मुख्य रूप से five types के systems software होते हैं, जिन्हें design किया जाता है control और coordinate करने के लिए procedures और functions को computer hardware के. ये enable करते हैं functional interaction को hardware, software और user के बीच.

Systems software सभी middleman tasks को करने के लिए किया जाता है जो की ये ensure करता है की communication software और hardware के बिच harmonious रहे.

इसलिए Systems software को mainly 5 types में categorized किया जाता है :

  • Operating system: ये communication को harnesses करता है hardware, system programs, और दुसरे applications के बीच.
  • Device driver: ये Enable करता है device communication को OS और दुसरे programs के बीच.
  • Firmware: ये Enable करता है device control और identification.
  • Translator: ये Translate करता है high-level languages को low-level machine codes में.
  • Utility: ये Ensure करता है की device और applications optimum functionality प्राप्त कर सकें.

System Software और Application Software में अंतर क्या है?

System software एक general purpose software होता है जिसका इस्तमाल computer hardware को operate करने के लिये किया जाता है. ये एक platform प्रदान करता है application software को run करने के लिए.

Application software एक specific purpose software होता है जिसे की एक specific task को perform करने के लिए User के द्वारा इस्तमाल किया जाता है.

Difference between System Software और Application Software

      System Software

1.System software का इस्तमाल computer hardware को operate करने के लिए किया जाता है.

2.System software को computer में तब install किया जाता है जब operating system को install किया जा रहा हो.

3.In general बात करें तब user इन system software के साथ interact नहीं करते हैं क्यूंकि वो हमेशा background में ही काम करते हैं

4.System software independently run कर सकते हैं. साथ में ये एक platform प्रदान करते हैं application software को run करने के लिए.

5.System software के कुछ उदाहरण हैं compiler assembler debugger driver इत्यादि.

       Application Software

1.एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का इस्तमाल user के द्वारा एक specific task को करने के कलिए किया जाता है.

2.एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को install user’s के requirements के अनुसार किया जाता है.

3.In general में user interact करते हैं एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के साथ.

4.वहीँ Application software independently run नहीं कर सकते हैं. इन्हें run करने के लिए system software की जरुरत होती है.

5.एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के कुछ उदाहरण हैं word processor web browser media player इत्यादि.

Ummeed hai aapko hamari iss class mein jo bhi bataya gaya h, wo poori tarah se samjh mein aaya hoga…. Yadi haan toh hamari aage aane wali classes ko bhi join kare Aur apna feed…..Dhanyawaad.

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