कंप्यूटर क्या है, इसकी उपयोगिता एवं विशेषताएँ

Table of Contents

hello guys aaj ki class me ham sikhne wale h ki कंप्यूटर क्या है, इसकी उपयोगिता एवं विशेषताएँ to start krte h

ham pahle is class ka ek overview dek lete h to ham padne wale h ki

1.कंप्यूटर क्या है, इसकी उपयोगिता एवं विशेषताएँ
2.कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?
3.कंप्यूटर कैसे चलाते हैं?
4.कंप्यूटर का इतिहास
5.कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?
6.कंप्यूटर की परिभाषा
7.कंप्यूटर कैसे कार्य करता है?
8.कंप्यूटर की मूल यूनिटों का नामांकित चित्र
9.कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर
10.अन्य प्रकार के कंप्यूटर
11.कंप्यूटर का उपयोग – Application of Computer in Hindi
12.कंप्यूटर के लाभ
13.कंप्यूटर के हानि
14.कंप्यूटर का भविस्य
15.कंप्यूटर क्या कार्य करता है?
16.हार्डवेयर क्या है – What is Hardware in Hindi
17.हार्डवेयर के प्रकार – Types of Hardware in Hindi

Aur bhi bahut kuch … toh class mein end tak bane rhe

to let’s start it

कंप्यूटर एक मशीन है जो डेटा की गणना, स्टोर करने और जानकारी का प्रबंधन करने के निर्देशों को संसाधित करता है। कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से बने होते हैं. Computer शब्द, Latin शब्द “computare” से लिया गया है. इसका अर्थ है Calculation करना या गणना करना

इसका मुख्य तोर से तीन काम है. पहला डाटा को लेना जिसे हम Input भी कहते है. दूसरा काम उस डाटा को Processing करने का होता है और आकिर काम उस processed डाटा को दिखाने का होता है जिसे Output भी कहते हैं.

Input Data →  Processing → Output Data

मॉडर्न कंप्यूटर का जनक Charles Babbage को कहा जाता है. क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Mechanical कंप्यूटर को डिजाईन किया था, जिसे Analytical Engine के नाम से भी जाना जाता है. इसमें Punch Card की मदद से डाटा को insert किया जाता था.

तो कंप्यूटर को हम एक ऐसा advanced इलेक्ट्रॉनिक device कह सकते हैं जो की raw data को input के तोर में User से लेता है. फिर उस data को program (set of Instruction) के द्वारा प्रोसेस करता है और आखिर के परिणाम को Output के रूप में प्रकाशित करता है. ये दोनों numerical और non numerical (arithmetic and Logical) calculation को process करता है.अनुक्रमदिखाएँ

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

तकनीकी रूप से कंप्यूटर का कोई फुल फॉर्म नहीं होता है. फिर भी कंप्यूटर का एक काल्पनिक फुल फॉर्म है,

C – Commonly
O – Operated
M – Machine
P – Particularly
U – Used for
T – Technical and
E – Educational
R – Research

अगर आप इसे हिंदी में ट्रांसलेट करेंगे तोह कुछ ऐसा होगा, आम ऑपरेटिंग मशीन विशेष रूप से व्यापार, शिक्षा और अनुसंधान के लिए उपयोग की जाती है.

कंप्यूटर कैसे चलाते हैं?

कुछ लोगों के लिए, कंप्यूटर का उपयोग करना समझना मुश्किल हो सकता है. यह खंड आपको यह समझने में मदद करेगा कि अपने कंप्यूटर को आसानी से कैसे संचालित किया जाए.

आप सोच रहे होंगे कि आप एक ही समय में कीबोर्ड और माउस का उपयोग कैसे कर सकते हैं? खैर, यह इतना जटिल नहीं है! इसे कैसे करें, इसके बारे में यहां कुछ निर्देश दिए गए हैं:

  1. माउस पॉइंटर को उस आइकन या अक्षर पर ले जाएं, जिस पर आप क्लिक करना चाहते हैं.
  2. बाईं माउस बटन को दबाकर रखें.
  3. पॉइंटर को उस स्थान पर खींचें जहां आप क्लिक करना चाहते हैं.
  4. वांछित गंतव्य तक पहुंचने पर बाएं माउस बटन को छोड़ दें.

कंप्यूटर का इतिहास

इस बात की सही तरह से प्रमाण नहीं किया जा सकता है की कब से कंप्यूटर का development शुरू किया गया. लेकिन officially कंप्यूटर की development को generation के मुताबिक classify कर दिया गया है. ये मुख्य तोर से 5 हिस्सों में बंटे हुए हैं.

जब बात Computer की generation की आती है तब इसका तात्पर्य है की Computer की पीडियां in hindi. जैसे जैसे computer में विकाश होते हैं उन्हें अलग अलग पीड़ियों में विभाजित कर दिया गया जिससे की इन्हें सठिक रूप से समझने में आसानी हो.

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी – 1940-1956 “Vacuum Tubes”

सबसे पहले generation के कंप्यूटर Vaccum tubes को circuitry और Magnetic Drum को memory के लिए इस्तमाल करते थे. ये size में काफी बड़े बड़े हुआ करते थे. इनको चलाने में काफी शक्ति का इस्तमाल होता था.

ज्यादा बड़ा होने के कारण इसमें heat की भी बहुत समस्या थी जिससे ये कई बार malfunction भी होता था. इनमे Machine Language का इस्तमाल होता था. उदहारण के तोर पे UNIVAC and ENIAC computers.

2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी – 1956-1963 “Transistors”

Second generation के computers में transistors ने vaccum tubes की जगह ले ली. Transistor बहुत ही कम जगह लेते थे, छोटे थे, faster थे, सस्ते थे और ज्यादा Energy Efficient थे. ये पहले generation के कंप्यूटर की तुलना में कम heat generate करते थे लेकिन फिर भी इसमें heat की समस्या अभी भी थी.

इनमे High Level programming Language जैसे COBOL और FORTRAN को इस्तमाल में लाया गया था.

3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी – 1964-1971 “Integrated Circuits”

Third generation के कंप्यूटर में पहली बार Integrated Circuit का इस्तमाल किया गया था. जिसमे Transistors को छोटे छोटे कर silicon chip के अन्दर डाला जाता था जिसे Semi Conductor कहा जाता है. इससे ये फ़ायदा हुआ की कंप्यूटर की processing करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ गयी.

पहली बार इस generation के computers को ज्यादा user friendly बनाने के लिए Monitors, keyboards और Operating System का इस्तमाल किया गया. इसे पहली बार Market में launch किया गया.

4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी – 1971-1985 “Microprocessors”

Forth generation की ये खासियत है की इसमें Microprocessor का इस्तमाल किया गया. जिससे हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन chip में embedded किया गया. इससे मशीन के आकार को कम करने में बहुत आसानी हुई.

Microprocessor के  इस्तमाल से कंप्यूटर की efficiency और भी बढ़ गयी. ये बहुत ही काम समाया में बड़े बड़े कैलकुलेशन कर पा रहा था.

5. कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी – 1985-present “Artificial Intelligence”

Fifth generation आज के दोर का है जहाँ की Artificial Intelligence ने अपना दबदबा कायम कर लिया है. अब नयी नयी Technology जैसे Speech recognition, Parallel Processing, Quantum Calculation जैसे कई advanced तकनीक इस्तमाल में आने लगे हैं.

ये एक ऐसा generation हैं जहाँ की कंप्यूटर की Artificial Intelligence होने के कारण स्वयं decision लेने की क्ष्य्मता आ चुकी है. धीरे धीरे इसके सारे काम Automated हो जायेंगे.

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया?

आधुनिक कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है? ऐसे तो बहुत से लोगों ने इस Computing Field में अपना योगदान दिया है. लेकिन इन सब में से ज्यादा योगदान Charles Babage का है. क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Analytical Engine सन 1837 में निकला था.

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उनके इस engine में ALU, Basic Flow control और Integrated Memory की concept लागु की गयी थी. इसी model पे ही Base करके आजकल के कंप्यूटर को design किया गया. इसी कारन उनका योगदान सबसे ज्यादा है. तभी उनको कंप्यूटर के जनक के नाम से भी जाना जाता है.

कंप्यूटर की परिभाषा

किसी भी modern digital कंप्यूटर के कई components हैं लेकिन उन में से कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण है जैसे Input device, Output Device, CPU(Central Processing Unit), Mass Storage Device और Memory.

accepts dataInput
processes dataProcessing
produces outputOutput
stores resultsStorage

कंप्यूटर कैसे कार्य करता है?

Input (Data): Input वो step है जिसमे की Raw Information को Input Device इस्तमाल करके कंप्यूटर में डाला जाता है. ये कोई letter, पिक्चर या कोई विडियो भी हो सकता है.

Process: Process के दौरान input हुए data को instruction के अनुसार processing की जाती है. ये पूरी तरह से Internal प्रोसेस है.

Output: Output के दौरान जो data पहले से process हो चुकी हैं उसको Result के तोर में show किया जाता है. और यदि हम चाहें तो इस result को save कर के Memory में रख भी सकते हैं Future के इस्तमाल के लिए.

कंप्यूटर की मूल यूनिटों का नामांकित चित्र

यदि आपने कभी किस कंप्यूटर case के भीतर देखा होगा तो आपने ये जरुर पाया होगा की अन्दर छोटे छोटे कई components होते है, वो बहुत ही ज्यादा complicated दिखते हैं, पर वो actually में उतने complicated नहीं होते. अब में आप लोगों को इन्ही components बारे में कुछ जानकारी दूंगा.

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Motherboard

किसी भी कंप्यूटर का मुख्य circuit board को Motherboard कहा जाता है. ये एक पतली प्लेट की तरह दीखता है पर ये बहुत सी चीज़ों की धारण किया हुए होता है. जैसे CPU, Memory, Connectors hard drive और Optical Drive के लिए, expansion card Video और Audio को control करने के लिए, इसके साथ साथ कंप्यूटर के सभी Ports को connection. देखा जाये तो Motherboard कंप्यूटर के सारे पार्ट्स के साथ directly या in directly जुड़ा हुआ होता है.

CPU/Processor

क्या आप जानते है Central Processing Unit यानि CPU क्या है? इसको भी कहा जाता है. ये कंप्यूटर case के अन्दर Motherboard में पाया जाता है. इसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है. ये किसी Computer के भीतर ही रहे सारे गतिविधियों के ऊपर नज़र रखे हुए होता है. जितनी ज्यादा एक Processor की speed होगी उतनी ही जल्दी ये processing कर पायेगा.

RAM

RAM को हम Random Acess Memory के नाम से भी जानते हैं. ये System का Short Term Memeory होता है. जब भी कभी कंप्यूटर कुछ कैलकुलेशन करता हैं तब ये temporarily उस result को RAM में save कर देता हैं. अगर कंप्यूटर बंद हो जाये तो ये डाटा भी खो जाता है. यदि हम कोई document लिख रहे हों तब उसे नष्ट होने से बचने के लिए हमें बिच बिच में अपने डाटा को save करना चाहिए. Save करने से Data Hard Drive में save हो तो ये लम्बे समय तक रह सकती है.

RAM को megabytes (MB) or gigabytes (GB) में मापा जाता हैं . जितना ज्यादा RAM होगा उतना हमरे लिए अच्छा हैं.

Hard Drive

Hard Drive वो component है जहाँ software, documents और दुसरे file को save किया जाता है. इसमें data लम्बे समय तक store होकर रहता है.

Power Supply Unit

Power supply unit का काम होता है की Main Power Supply से पॉवर लेकर उसे जरुरत के अनुसार दुसरे components में Supply करना.

Expansion Card

सभी Computers के Expansion Slots होते हैं जिससे की हम Future में कोई Expansion Card को add कर सकें. इन्हें PCI (Peripheral Components Interconnect) card भी कहा जाता है. लेकिन आज कल के Motherboard में built in ही कई Slots पहले से होते हैं. कुछ Expansion Card के नाम जो हम पुराने computers को update करने के लिए इस्तमाल कर सकते हैं.

  • Video Card
  • Sound card
  • Network Card
  • Bluetooth Card (Adapter)

यदि आप कभी computer के भीतरी चीज़ों को खोल रहे हैं तब आपको सबसे पहले मुख्य Socket से Plug का निकलना चाहिए.

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर

Computer hardware को हम कोई ऐसी Physical Device कह सकते हैं जिसे हम अपने कंप्यूटर में इस्तमाल करते हैं, वहीँ Computer Software का मतलब है codes का collection जिसे हम अपने Machine के Hard Drive में install करते हैं hardware को चलने के लिए.

उदहारण के तोर पे कंप्यूटर मॉनिटर जो हम पड़ने के लिए इस्तमाल करते हैं, Mouse जिसे हम Navigate करने के लिए इस्तमाल करते हैं ये सब Computer Hardware हैं. वहीँ Internet Browser जिससे हम website visit करते हैं, और Operating System जिसमे की वो Internet Browser run होता है. ऐसी चीज़ों को हम Software कहते हैं.

हम ये कह सकते हैं की एक कंप्यूटर Software और Hardware का समिश्रण है, दोनों की सामान भूमिकाएं हैं, दोनों साथ मिलकर ही कोई काम कर सकते हैं.

कंप्यूटर के प्रकार – Types of Computer in Hindi

जब भी हम कभी कंप्यूटर शब्द का इस्तमाल सुनते हैं तब हमारे मन में बस Personal कंप्यूटर का ही चित्र आता है. में आप लोगों को बता दूँ की Computers बहुत सारे प्रकार के होते हैं. विविन्न Shapes और Size के आते हैं. जरुरत के अनुसार हम इनका इस्तमाल करते हैं जैसे की ATM पैसे निकालने के लिए, Scanner किसी Barcode को स्कैन करने के लिए, Calculator किसी बड़ी calculation करने के लिए. ये सारे different types के Computer हैं.

1. Desktop

बहुत से लोग Desktop कंप्यूटर का इस्तमाल अपने घरों, स्कूलों और अपने Personal काम के लिए करते हैं. इनका डिजाईन कुछ इस प्रकार से होते हैं कि इन्हें हम अपने desk पर रख सकें. इनके बहुत सारे Parts होते हैं जैसे Monitor, Keyboard, Mouse, कंप्यूटर Case.

2. Laptop

Laptop के बारे में आप तो जानते ही होंगे जो की Battery Powered होते हैं, ये बहुत ही ज्यादा portable होते हैं जिससे इन्हें कहीं भी और कभी भी ले जाया जा सकता हैं.

3. Tablet

अब बात करते हैं Tablet की जिसे हम Handheld कंप्यूटर भी कहते हैं क्यूंकि इसे बड़ी आसानी से हातों में पकड़ा जा सकते है.

इसमें Keyboard और Mouse नहीं होते, बस एक touch Sensitive स्क्रीन होता है जिसे typing और navigation के लिए इस्तमाल किया जाता है. Example- iPAD .

4. Servers

एक Server कुछ इसप्रकार का कंप्यूटर है जिसे हम Information के आदान प्रदान के लिए इस्तमाल करते हैं. उदहारण के तोर पे जब भी हम कोई चीज़ Internet में खोजते है वो सारी चीज़ें Server में ही store होती हैं.

अन्य प्रकार के कंप्यूटर

चलिए अब जानते हैं की अन्य प्रकार के computers क्या होते हैं.

स्मार्टफ़ोन (Smartphone) : जब एक normal cell phone में Internet enable हो जाता है, वहीँ उसका इस्तमाल कर हम बहुत से कार्य कर सकते हैं तब ऐसे cell phone को स्मार्टफोन कहा जाता है.

पहनने योग्य (Wearable) : पहनने योग्य तकनीक उपकरणों के एक समूह के लिए एक सामान्य शब्द है – जिसमें फिटनेस ट्रैकर्स और स्मार्टवॉच शामिल हैं – इन्हें कुछ इसप्रकार से design किया गया है जिससे की इसे पूरे दिन पहने जा सकते हैं. इन उपकरणों को अक्सर पहनने योग्य कहा जाता है.

गेम कंसोल (Game Control) : यह गेम कंसोल भी एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर है जिसका उपयोग आपके टीवी पर वीडियो गेम खेलने के लिए करते हैं.

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टीवी (TV): टीवी भी एक प्रकार का computer होता है जिसमें अब काफी एप्लिकेशन या ऐप्स शामिल हैं जो की इसे Smart Tv में परिवर्तित करते हैं. वहीँ अब आप सीधे अपने टीवी पर इंटरनेट से वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं.

कंप्यूटर का उपयोग – Application of Computer in Hindi

कंप्यूटर का उपयोग कहाँ कहाँ होता है? देखा जाये तो कंप्यूटर का इस्तमाल हम अपने जीवन में हर जगह करते आ रहे हैं और करते रहेंगे. ये हमारा एक अंग सा बन गया है. मैंने इसके कुछ इस्तमाल को आपकी जानकारी के लिए निचे लिखी हुई हैं.

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग: शिक्षा में इनका सबसे बड़ा हाथ है, अगर कोई स्टूडेंट को किसी चीज़ के बारे में जानकारी चाहिए तब उसे कुछ मिनटों में ही ये जानकारी उपलब्ध हो जाती है इसकी मदद से. Research से पता चला है की कंप्यूटर की मदद से किसी भी student की learning performance में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. आजकल को घर बैठे ही Online Classes की मदद से पढाई की जा सकती है.

Health and Medicine: ये Health और मेडिसिन के लिए एक वरदान है. इसकी मदद से आजकल मरीजों का इलाज बहुत ही आसानी से हो जाता है. आजकल सभी चीज़े digital हो गयी है जिससे बड़ी आसानी से रोग के बारे में पता चल जाता है और उस हिसाब से उसका इलाज भी possible है. इससे operation भी आसान बन गए हैं.

विज्ञान के छेत्र में कंप्यूटर का उपयोग: ये तो Science की ही देन है. इससे research में बहुत ही आसानी होती है. आजकल एक नया ट्रेंड चल रहा है जिसे Collaboratory भी कहा जाता है जिससे दुनिया के सारे scientist एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं, इससे कुछ फरक नहीं पड़ता है की आप कोन से देश में मह्जूद हो.

Business: Business में इसका बहुत बड़ा हाथ है productivity और competitiveness को बढ़ने के लिए. इसका इस्तमाल मुख्य तोर से Marketing, Retailing, Banking, Stock Trading में होता है. यहाँ सभी चीज़ें digital होने के कारण इसकी processing बड़ी ही फ़ास्ट हो गयी है. और आजकल Cashless Transaction पे ज्यादा importance दिया जा रहा है.

Recreation and Entertainment: Entertainment के लिए ये एक नया अड्डा बन गया है, किसी भी चीज़ों के बारे में आप बात करो जैसे Movies, Sports या resturants कहीं की भी बात करो इनकी इस्तमाल सभी जगह है.

Government: आजकल तो Government भी इनकी इस्तमाल के ऊपर ज्यादा focus दे रही है. यदि हम बात करें Traffic, Tourism, Information & Broadcasting, Education, Aviation सभी जगह में इनके इस्तमाल से हमारा काम बहुत हो आसन हो गया है.

Defence: सेना में भी इनका इस्तमाल काफी हद तक बढ़ गया है. जिसकी मदद से अब हमारी सेना और ज्यादा सशक्त बन गयी है. क्यूंकि आजकल सभी चीज़ों को कंप्यूटर की मदद से control किया जाता है.

ऐसी बहुत से जगह हैं जहाँ हम इसका इस्तमाल करते हैं हमारी जरुरत के अनुसार.

कंप्यूटर के लाभ

वैसे ये कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा Computer ने हम इंसानों के जीवन को बहुत ही सहज बना दिया है अपने incredible Speed, Accuracy और Storage के मदद से.

इससे इन्सान जब चाहें तब कुछ भी save कर सकते हैं और कुछ भी खोज सकते हैं आसानी से. हम कह सकते हैं की computer एक बहुत ही versatile machine होता है क्यूंकि ये बहुत ही flexible होता है अपने jobs को करने में.

लेकिन इसके वाबजूद भी हम कह सकते हैं की computer एक बहुत ही versatile machine होता है क्यूंकि ये बहुत ही flexible होता है अपने काम को करने में, वहीँ इन machines के कुछ important advantages और disadvantages भी होते हैं.

चलिए इनके विषय में जानते हैं.

1. Multitasking

Multitasking एक बहुत ही बड़ी advantage होती है computer की. इसमें कोई आदमी आसानी से multiple task, multiple operation, numerical problems को calculate कर सकते हैं वो भी कुछ seconds में. Computer आसानी से trillion of instructions per second में calculate कर सकती हैं.

2. Speed

अब ये केवल एक calculating device बनकर ही नहीं रह गया है. अब ये हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन चूका है.

इसकी बहुत ही बड़ी advantage हैं इसकी high speed, जो की इसे कोई भी task को complete करने में मदद करती है वो भी बहुत ही कम समय में. इसमें प्राय सभी operations को तुरंत ही किया जा सकता है, अन्यथा इन्हें करने में बहुत समय लगता.

3. Cost / Stores करती हैं बड़ी मात्रा में data

यह एक low cost solution होता है. क्यूंकि इसमें कोई इन्सान बहुत ज्यादा मात्रा की data को कम budget में save कर सकता है. Centralized database का इस्तमाल से बहुत ही high quantity की information को store किया जा सकता है, जिससे की cost को बहुत हद तक कमाया जा सकता है.

4. Accuracy

ये computer अपने calculation को लेकर बहुत ही ज्यादा accurate होते हैं, इनमें गलती होने की संभावनाएं न के बराबर होती है.

5. Data Security

Digital Data को protect करना ही Data Security कहलाता है. Computer हमारे digital data को unauthorized users जैसे की cyberattack या access attack से रक्षा करती है.

कंप्यूटर के हानि

अब चलिए Computer के कुछ disadvantages (कंप्यूटर की हानियाँ) के विषय में जानते हैं.

1. Virus और Hacking Attacks

Virus एक destructive program होता है और hacking उस unauthorized access को कहा जाता है जिसमें Owner को आपके बारे में पता नहीं होता हिया.

इन Virus को आसानी से email attachment के द्वारा फैलाया जा सकता है, कभी कभी USB से भी, या किसी infected websites से इन्हें आपके computer तक पहुँचाया जा सकता है.

वहीँ एक बार ये आपके computer तक पहुँच जाये तब आपके computer को बर्बाद कर देता है.

2. Online Cyber Crimes

इन Online cyber-crime को करने के लिए computer और network का इस्तमाल किया जाता है. वहीँ Cyberstalking और Identity theft भी इन्ही online cyber-crimes के तहत आते हैं.

3. Employment opportunity में घटौती होना

चूँकि computer एक साथ बहुत से कार्य को करने में सक्षम होता है इसलिए employment opportunity को भरी नुकसान होता है.

इसलिए banking sector से लेकर कोई भी governmental sectors की आप बात देख लो सभी भी computers को ज्यादा महत्व दिया जाता है लोगों के स्थान में. इसलिए बेरोजगारी केवल बढती ही जा रही है.

दुसरे disadvantage की बात करूं तब इसकी IQ नहीं होती है, ये बिलकुल ही users के ऊपर निर्भर करता है, इसकी कोई feeling नहीं होती है, ये खुद से कोई decision नहीं ले सकता है.

कंप्यूटर का भविस्य

वैसे तो दिन ब दिन कंप्यूटर में काफी Technological बदलाव आ रहे है. दिन प्रतिदिन ये ज्यादा सस्ती और ज्यादा performance वाली और ज्याद capacity वाली बन रही है. जैसे जैसे लोगों की जरुरत बढ़ेगी वैसे वैसे इसमें और भी ज्यादा बदलाव आएगा. पहले तो ये एक घर के आकर का था, अब ये हमारे हाथों में ही समां जा रहा है.

एक समय ऐसा भी आएगा जब ये हमारे मन से नियंत्रित होगा. आजकल Scientists Optical computer, DNA Computer, Neural Computer और Quantum Computer के ऊपर ज्यादा research कर रहे हैं . इसके साथ साथ ही Artificial Intelligence के ऊपर भी बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है ताकि ये खुदबखुद अपना काम सुचारू रूप से कर सके.

कंप्यूटर क्या कार्य करता है?

एक कंप्यूटर यूजर से इनपुट लेता है, निरदेश के अनुशार उसे प्रोसेस करता और और उसकी रिजल्ट को अपने आउटपुट डिवाइस के माध्यम से यूजर को दिखता है.

कंप्यूटर के सभी कार्यों को कौन नियंत्रित करता है?

CPU कंप्यूटर के सभी भागों के कार्य को नियंत्रित करता है.

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आज आपने क्या सिखा?

अब तक आपको कंप्यूटर का introduction हिंदी में मिल चूका होगा. मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को कंप्यूटर क्या है (What is Computer in Hindi) और कंप्यूटर के प्रकार के बारे में पूरी जानकारी दी और आशा करता हूँ आप लोगों को इस कंप्यूटर Technology के बारे में समझ आ गया होगा.

आसानी से अब आप कंप्यूटर किसे कहते हैं का जवाब बेझिझक दे सकते हैं. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा. मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

हार्डवेयर किसे कहते हैं?

क्या आपको पता है के हार्डवेयर क्या है? अगर आप इन्ही सवालों को ढूंडते हुए आए हैं तो आप बिलकुल सही जगह पे हैं. आपको पता ही होगा Computer में मुख्य रूप से दो Parts होते हैं एक तो Software और दूसरा Hardware. Software जिनको Computer Program भी कहते हैं. सॉफ्टवेर जिनको आप हर रोज अपने mobile और computer में use करते हैं. Software के EX- VLC, Chrome, Internet Explorer, MS-WORD, MS-POWERPOINT, Photoshop, pdf reader और Operating System (Android, Windows, MAC, UNIX).

क्या कभी आप सोचे हैं, ये सारे “Software बिना Hardware के कुछ भी नहीं हैं”. एक बार सोचो बिना Keyboard के आप MS-WORD में कैसे लिखोगे. बिना Mouse के Photoshop में Edit भी नहीं कर सकते. pdf book को कहीं hard disk में Store ही नहीं करगे तो Adobe Reader से पढोगे कैसे. तो सायद मेरी बातें आपको थोड़ी बहुत समझ आ रही हैं. KeyboardMouse, hard disk, Monitor, MotherboardCPU, UPS, Speaker ये सभी एक एक Hardware हैं.

बीना Hardware के तो हम कभी Computer की छबी के बारे में भी सोच ही नहीं सकते. चलिए अब विस्तार से जानते हैं के कंप्यूटर हार्डवेयर किसे कहते हैं.

हार्डवेयर क्या है – What is Hardware in Hindi

हार्डवेयर, कंप्यूटर का वो हिसा है जिसे हम देख भी सकते हैं और छु भी सकते हैं. अगर हम पुरे सठिक तरीके से वर्णन केरे तो यह Computer का Physical Component है, और इस Component में Circuit board, ICs, और दुसरे electronics होते हैं.

इसक पूरा सठिक उदहारण है, जो आप अभी Screen पे जो मेरा लेख पढ़ रहे हैं, वो screen Computer, Tablet, Mobile में से किसीकी भी हो सकती है. एक कंप्यूटर में जितने भी Input, Output, Processing और Storage devices है वो सभी एक एक HW हैं.

किसी भी हार्डवेयर के बिना, आपका कंप्यूटर मौजूद नहीं है, और इसके बिना नाही आप कोई सॉफ़्टवेयर का उपयोग कर सकते है. अगर SW Computer की आत्मा है तो फिर आपका शारीर Computer का Hardware है. परंतु हकीकत में Hardware से कुछ भी कार्य करवाने के लिए हम सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं.

आगर आपको Computer में गाना सुनना है, तो एसा नहीं की आप Computer को बोलोगे और गाना Play हो जाएगा. इसके लिए Windows Media Player या VLC (ये दोनों सॉफ्टवेर हैं) में जब गाना Paly करोगे तभी वो Speaker पे वो गाना PLAY होगा. मतलब hw को sw के माध्यम से नियंत्रण किया जाता है.

हार्डवेयर के प्रकार – Types of Hardware in Hindi

दो प्रकार के system आप देखे होंगे 1. Laptop 2. Desktop. Laptop के सारे physical components जुड़े हुए रहते हैं. मगर desktop के components अलग अलग आते हैं. लेकिन hw लगभग दोनों में एक जैसे होते हैं. चलिए इन Hardware के प्रकार और Examples के बारे में जानते हैं.

1. Keyboard

यह एक Input device है. इस Hardware के बिना तो कंप्यूटर में कुछ डाटा ENTER भी नहीं कर सकते हैं. इसी के मदद से हम Computer के सारे लिखने वाले कार्य कर सकते हैं. आप जो अभी पढ़ रहे हैं वो भी इसी के Keyboard से लिखा गया है. इस electronics Devices देख भी सकते हैं और छु भी सकते हैं. सबसे ज्यादा इस्तमाल किए जाने वाले devices में से यह एक है. इसके अंदर भी दूसरे Hw component होते हैं. इस device USB Port में लगाया जाता है.

2. Mouse

इसे pointing device और Cursor Moving Device के नाम से भी जाना जाता है. एक Mouse में 2 या 3 button हो सकते हैं. जेसे की दायां , बायां , और मध्य button (Left key, Right key, Middle key Roller). ये सभी एक एक HW हैं. Mouse को Flat Surface पे या Mouse Pad पे रखा जाता है. Cursor को Control करने के लिए इसका इस्तमाल किया जाता है.

3. Scanner

यह एक कंप्यूटर का बहारी HW है. Scanner का प्रयोग करके लिखित कागजात और तस्वीरों को digital चित्र में परिवर्तित कर memory में सुरक्षित रखा जा सकता है. Scanner के जरिये documents को भी scan कर कंप्यूटर में स्टोर किया जा सकता है. इसे Extenal H/W कहते हैं.

4. Monitor

कंप्यूटर मॉनिटर एक electronic device है जो की कुछ Computer में output दिखाने के लिए किया जाता है. यह बिलकुल एक T.V के तरह दीखता है. एक बड़ा और बढ़िया display resolution हमे अछि तस्वीर दिखाता है. ये Hardware LAPTOP में छोटा साइज़ का होता है और Desktop में थोडा बड़ा होता है.

CRT Monitor :- ये भारी और बड़े होते हैं और बहुत deskspace और electricity इस्तमाल करते हैं. यह सबसे पुरानी इस्तमाल किये जाने वाली technology है. यह cathode ray tube technologyआधारित है जोकी television के लिए बनाए गए थे.मगर ये monitor आज कल नहीं चलते.

LCD Monitor :- एक तरीके का flat panel display है. ये CRT के मुकाबले नयी तकनीक है. ये monitors कम desk space इसतमाल करते हैं. यह कम वजन के होते हैं. यह monitors कम electricity इस्तमाल करते हैं. एक अरसे से यही monitors का इस्तमाल किया जा रहा है laptops और notebook computers पे, ये touchscreens का भी काम करते हैं tablet computers, mobile phones पे.

5. Speaker

यह भी External Hardware हैं. इसके इस्तमाल से हम ध्वनि सुन सकते हैं. यह ध्वनि के रूप मे output देता है. आज कल ये system में inbuilt रहता है.

6. Printer

External HW. Printer एक output device है जो computer से प्राप्त जानकारी को कागज पर छापता है कागज पर output की यह प्रतिलिपि hard copyकहलाती है computer से जानकारी का output बहुत तेजी से मिलता है और printer इतनी तेजी से कार्य नहीं कर पाता. इसलिये यह आवश्यकता महसूस की गयी कि जानकारियों को printerमें ही store किया जा सके इसलिये printerमें भी एक memory होती है जहाँ से यह परिणामों को धीरे-धीरे print करता है.

7. Motherboard

यह hw, कंप्यूटर का मुख्य भाग है. इसे देखने के लिए आपको Computer को खोलने की आवश्यकता है. यह एक Board है जिसको PCB (Printed Circuit Board) कहते हैं. यह board Computer के अलग अलग Components को पकडके रखता है. और वो सारे Components हैं CPU, RAM, Hard Disk, smps port, Graphics card.

8. CPU (Microprocessor)

CPU जीसका पूरा नाम है Central Processing Unit. ये खुद एक Hardware नहीं है इसके अंदर कई सारे छोटे बड़े Hardware हैं. इसे कंप्यूटर का मस्तिस्क भी कहते हैं. ये Computer को Control करता है. जैसे हमारा दिमाग हमें जो बोलता है वही हम करते हैं. मुख्य रूप से इसके 3 Components हैं ALU, CU और MU. ALU जिसे Arithmatic और Logical Unit कहते हैं. CU Control Unit और MU Memory Unit. ALU arithmetic calculation जैसे Addition, Subtraction, Multiplication और Division. LU Comparison Operation Perform करता है. जैसे Less than, greater than, equal to और Not equal to. MU में Primary और Secondary Memory होते हैं.

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